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बुखार, खांसी व जुकाम की जांच करेंगी 1013 टीमें
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बाराबंकी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पांच जुलाई से जिले में विशेष सर्विलांस अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए जिले में 1013 टीमें बनाई गई हैं। यह टीमें लोगों के घर-घर जाकर बुखार, खांसी व जुकाम की जांच करने के साथ कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों की पहचान करेंगी। टीमों पर नजर रखने केे लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए शासन स्तर से कोविड-19 विशेष सर्विलांस अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। जिले में इसकी शुरूआत 5 जुलाई से होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने 1013 टीमें गठित की हैं। टीमों में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। यह टीमें लोगों के घर-घर जाकर बुखार, खांसी, जुकाम की जांच करने के साथ कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों वाले मरीजों की पहचान कर अपनी रिपोर्ट नोडल अधिकारियों को सौंपेगी। निगरानी के लिए 349 सुपरवाइजर तैनात करने के साथ 15 नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यालय पर एसीएमओ स्तर का एक अधिकारी को तैनात किया गया है। जांच की रिपोर्ट प्रतिदिन सीएमओ के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
अभियान के दौरान किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। टीम को इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है।
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए शासन स्तर से कोविड-19 विशेष सर्विलांस अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। जिले में इसकी शुरूआत 5 जुलाई से होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने 1013 टीमें गठित की हैं। टीमों में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। यह टीमें लोगों के घर-घर जाकर बुखार, खांसी, जुकाम की जांच करने के साथ कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों वाले मरीजों की पहचान कर अपनी रिपोर्ट नोडल अधिकारियों को सौंपेगी। निगरानी के लिए 349 सुपरवाइजर तैनात करने के साथ 15 नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यालय पर एसीएमओ स्तर का एक अधिकारी को तैनात किया गया है। जांच की रिपोर्ट प्रतिदिन सीएमओ के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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अभियान के दौरान किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। टीम को इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है।
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