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समस्या निस्तारण के आश्वासन पर टला धरना
Barabanki
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:31 AM IST
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बाराबंकी। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा द्वारा 31 अक्टूबर को धरने की चेतावनी के बाद मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक ने महासभा के पदाधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। जिस पर महासंघ ने धरने को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। पदाधिकारी भी वार्ता को सकारात्मक बता रहे हैं।
वित्तविहीन विद्यालयों व शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए मंगलवार को माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मुलाकात की। वार्ता के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों ने वर्ष 2013-14 में उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के पारिश्रमिक के भुगतान, केंद्र व्यवस्थापकों की विगत तीन वर्षों की सूची नहीं दिए जाने, केंद्र व्यय विगत तीन वर्षों का भुगतान नहीं किए जाने पर चर्चा की गई। इसके अलावा शिक्षक संगठनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए दिन निर्धारित करने, वित्त विहीन कॉलेजों का जीआईसी के प्रधानाचार्य व शिक्षकों से कराए जाने, वित्त विहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों का जिविनि कार्यालय द्वारा आर्थिक दोहन किए जाने आदि मुद्दों पर चर्चा की गई। महासंघ के जिलाध्यक्ष रामकुमार वर्मा ने बताया कि संगठन द्वारा 31 अक्टूबर को जिविनि कार्यालय में धरने की चेतावनी 20 अक्टूबर को दी गई थी। जिस पर डीआईओएस ने 21 अक्टूबर को वार्ता के लिए नोटिस जारी की। 28 अक्टूबर को जिला विद्यालय निरीक्षण रामशरण सिंह ने वार्ता हुई। वार्ता सकारात्मक रही।
जिविनि ने समस्याओं के निस्तारण के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। यदि समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो नबंवर के पहले या दूसरे सप्ताह में धरना दिया जाएगा। वार्ता में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष तेज कुमार उपाध्याय, सुरेश चंद्र बैसवार, शैलेंद्र सिंह, जगसेन वर्मा, सतीश यादव, नागेश्वरनाथ तिवारी व राम प्रकाश यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।
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वित्तविहीन विद्यालयों व शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए मंगलवार को माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मुलाकात की। वार्ता के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों ने वर्ष 2013-14 में उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के पारिश्रमिक के भुगतान, केंद्र व्यवस्थापकों की विगत तीन वर्षों की सूची नहीं दिए जाने, केंद्र व्यय विगत तीन वर्षों का भुगतान नहीं किए जाने पर चर्चा की गई। इसके अलावा शिक्षक संगठनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए दिन निर्धारित करने, वित्त विहीन कॉलेजों का जीआईसी के प्रधानाचार्य व शिक्षकों से कराए जाने, वित्त विहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों का जिविनि कार्यालय द्वारा आर्थिक दोहन किए जाने आदि मुद्दों पर चर्चा की गई। महासंघ के जिलाध्यक्ष रामकुमार वर्मा ने बताया कि संगठन द्वारा 31 अक्टूबर को जिविनि कार्यालय में धरने की चेतावनी 20 अक्टूबर को दी गई थी। जिस पर डीआईओएस ने 21 अक्टूबर को वार्ता के लिए नोटिस जारी की। 28 अक्टूबर को जिला विद्यालय निरीक्षण रामशरण सिंह ने वार्ता हुई। वार्ता सकारात्मक रही।
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जिविनि ने समस्याओं के निस्तारण के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। यदि समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो नबंवर के पहले या दूसरे सप्ताह में धरना दिया जाएगा। वार्ता में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष तेज कुमार उपाध्याय, सुरेश चंद्र बैसवार, शैलेंद्र सिंह, जगसेन वर्मा, सतीश यादव, नागेश्वरनाथ तिवारी व राम प्रकाश यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।
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