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भाई को तिलक लगाकर की लंबी उम्र की कामना
Barabanki
Updated Sun, 26 Oct 2014 05:30 AM IST
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बाराबंकी। दीपावली के बाद शनिवार को भाई-दूज का पर्व जिले भर में पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भगवान सूर्य का विधि विधान से पूजन कर भाइयों को तिलक लगाया और उनके दीर्घायु की कामना की। भाइयाें ने अपनी बहनों को उपहार दिए साथ ही उनकी रक्षा का बचन दिया। वहीं कायस्थ समाज के लोगों ने मोहल्ला गुलरिया गार्दा स्थित प्राचीन चित्रगुप्त महाराज मंदिर व फतेहपुर मेें पचघरा स्थित मंदिर में लेखनी पूजन कर हवन-पूजन किया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर हवन में आहुतियां डाली व भगवान चित्रगुप्त से बुद्धि व विद्या का आशीर्वाद मांगा। इससे पूर्व पचघरा मंदिर से भगवान चित्रगुप्त की धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। उपस्थित लोगों ने कलम-दवात की विधिवत पूजा की।
भाई-दूज के अवसर पर शनिवार को बहनों ने घर की छत व आंगन में हल्दी से भगवान सूर्य, चांद, शेर, मोर, पेड़, लंगड़ा राजा, खिलौने आदि का चित्र तथा चावल के चौरीठा से नवग्रह बनाकर परंपरागत चीजों पहरुवा, सिलबट आदि वस्तुओं से विधि-विधान से पूजन किया तथा मिष्ठान का भोग लगाया। बहनों ने- भइया गए बेर लेने कांटा न लगे... गीत गाते हुए सात बार पत्तियां तोड़कर लंगड़े राजा को चढ़ाई। इसके बाद रुई की बत्ती बनाकर हल्दी से गांठ देकर भाइयों के दीर्घायु होने की कामना की। भाइयों का मुंह मीठा कराकर आरती की। वहीं भाइयों ने भी मिठाई खिलाकर बहनों का व्रत खुलवाया। इसके बाद भाइयोें ने बहनों को उपहार स्वरूप उनकी मनपसंद वस्तुएं या नगद भेंट देकर उनकी रक्षा का बचन दिया। स्नेह के पर्व पर ससुराल में रहने वाली बहनों के घर भाई पहुंचे और पूजा में शामिल हुए। कई बहनों ने मायके पहुंच कर भाइयोें को तिलक लगाया। इस मौके पर मंदिरों में भी भीड़ उमड़ी। जहां पहुंच कर बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। इस अवसर पर कायस्थ समाज के लोगों ने चित्रगुप्त की भी पूजा की। कलम मेें कलावा बांध कर पूजा-अर्चना कर मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया। इसी तरह हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, सिरौलीगौसपुर, फतेहपुर, रामनगर, मसौली, गणेशपुर आदि इलाकों में भी भैया दूज पर्व धूमधाम से मनाया गया और भाइयों को तिलक लगाकर बहनों ने लंबी उम्र की कामना की। भाई दूज पर जिला कारागार के गेट पर बहनों की लंबी कतारें लगी रही।
वहीं मोहल्ला गुलरिया गार्दा में चित्रगुप्त मंदिर पर हवन पूजन में मौजूद लोगों ने आहुतियां दी। इसके बाद सभी को पुस्तक एवं कलम व पेपर वितरण किया गया। सभी लोगों ने कलम-दवात की विधिवत पूजा की। भगवान चित्रगुप्त का पूजन कर बुद्धि व विद्या का आशीर्वाद मांगा। इस मौके पर भगवान चित्रगुप्त की कथा सुनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन चित्रगुप्त कायस्थ सभा द्वारा किया गया। संस्था द्वारा समाज में व्याप्त साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए एक मिशन की भी शुरुआत की गई।
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इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर डॉ. नवनीत प्रकाश श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव, मनमीत श्रीवास्तव, विकास राज, इंजी. विनय श्रीवास्तव, साकेत श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, अनिल अस्थाना, हर्ष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। फतेहपुर क्षेत्र में चित्रांश संघ द्वारा चित्रगुप्त व उनकी 12 संतानों के स्वरूपों की चित्रगुप्त मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। मोहल्ला पचघरा स्थित मंदिर से निकली प्रभातफेरी शोभायात्रा ब्राह्मणीटोला, मुंशीगंज बाजार, बेलहरा चौराहा, सट्टी बाजार, काजीपुर होते हुए पुन: मंदिर पहुंची। यहां पर हवन पूजन के बाद कलम दवात पूजा की गई। इस मौके पर धर्मेंद्र श्रीवास्तव, आशुतोष श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, अभिमन्यु श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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भाई-दूज के अवसर पर शनिवार को बहनों ने घर की छत व आंगन में हल्दी से भगवान सूर्य, चांद, शेर, मोर, पेड़, लंगड़ा राजा, खिलौने आदि का चित्र तथा चावल के चौरीठा से नवग्रह बनाकर परंपरागत चीजों पहरुवा, सिलबट आदि वस्तुओं से विधि-विधान से पूजन किया तथा मिष्ठान का भोग लगाया। बहनों ने- भइया गए बेर लेने कांटा न लगे... गीत गाते हुए सात बार पत्तियां तोड़कर लंगड़े राजा को चढ़ाई। इसके बाद रुई की बत्ती बनाकर हल्दी से गांठ देकर भाइयों के दीर्घायु होने की कामना की। भाइयों का मुंह मीठा कराकर आरती की। वहीं भाइयों ने भी मिठाई खिलाकर बहनों का व्रत खुलवाया। इसके बाद भाइयोें ने बहनों को उपहार स्वरूप उनकी मनपसंद वस्तुएं या नगद भेंट देकर उनकी रक्षा का बचन दिया। स्नेह के पर्व पर ससुराल में रहने वाली बहनों के घर भाई पहुंचे और पूजा में शामिल हुए। कई बहनों ने मायके पहुंच कर भाइयोें को तिलक लगाया। इस मौके पर मंदिरों में भी भीड़ उमड़ी। जहां पहुंच कर बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। इस अवसर पर कायस्थ समाज के लोगों ने चित्रगुप्त की भी पूजा की। कलम मेें कलावा बांध कर पूजा-अर्चना कर मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया। इसी तरह हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, सिरौलीगौसपुर, फतेहपुर, रामनगर, मसौली, गणेशपुर आदि इलाकों में भी भैया दूज पर्व धूमधाम से मनाया गया और भाइयों को तिलक लगाकर बहनों ने लंबी उम्र की कामना की। भाई दूज पर जिला कारागार के गेट पर बहनों की लंबी कतारें लगी रही।
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वहीं मोहल्ला गुलरिया गार्दा में चित्रगुप्त मंदिर पर हवन पूजन में मौजूद लोगों ने आहुतियां दी। इसके बाद सभी को पुस्तक एवं कलम व पेपर वितरण किया गया। सभी लोगों ने कलम-दवात की विधिवत पूजा की। भगवान चित्रगुप्त का पूजन कर बुद्धि व विद्या का आशीर्वाद मांगा। इस मौके पर भगवान चित्रगुप्त की कथा सुनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन चित्रगुप्त कायस्थ सभा द्वारा किया गया। संस्था द्वारा समाज में व्याप्त साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए एक मिशन की भी शुरुआत की गई।
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इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर डॉ. नवनीत प्रकाश श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव, मनमीत श्रीवास्तव, विकास राज, इंजी. विनय श्रीवास्तव, साकेत श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, अनिल अस्थाना, हर्ष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। फतेहपुर क्षेत्र में चित्रांश संघ द्वारा चित्रगुप्त व उनकी 12 संतानों के स्वरूपों की चित्रगुप्त मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। मोहल्ला पचघरा स्थित मंदिर से निकली प्रभातफेरी शोभायात्रा ब्राह्मणीटोला, मुंशीगंज बाजार, बेलहरा चौराहा, सट्टी बाजार, काजीपुर होते हुए पुन: मंदिर पहुंची। यहां पर हवन पूजन के बाद कलम दवात पूजा की गई। इस मौके पर धर्मेंद्र श्रीवास्तव, आशुतोष श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, अभिमन्यु श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।