{"_id":"125-71717","slug":"Barabanki-71717-125","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटा बालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटा बालक
Barabanki
Updated Sat, 28 Dec 2013 05:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टिकैतनगर (बाराबंकी)। चार दिन पूर्व अपहृत हुआ बालक गुरुवार को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर अपने घर पहुुंचा। आरोप है कि गांव के फतेहखान ने खेत से गन्ना तोड़ते समय उसका अपहरण कर लिया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मालूम हो कि थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम कस्बा इचौली निवासी रूपचंद वर्मा का 14 वर्षीय पुत्र गणेश 22 दिसंबर को अचानक लापता हो गया था। मामले में पीड़ित पिता ने गांव के ही फतेहखान पर अपने पुत्र के अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी लेकिन बालक का पता नहीं लग सका। गुरुवार की सुबह बालक अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूट कर अपने घर पहुंचा। अपने पिता के साथ थाने पहुंचे बालक ने बताया कि गांव के फतेहखान उसे खेत में ले गया और खेत से गन्ना तोड़कर लाने को कहा।
वहीं थोड़ी ही दूरी पर एक सफेद रंग की गाड़ी खड़ी थी। जैसे ही वह गन्ना तोड़ने के लिए झुका फतेहखान ने उसके मुंह को रुमाल से ढंक दिया। इसके बाद जब उसकी आंख खुली तो उसने अपने को एक कमरे में पाया। उसने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसे दो दिन तक खाना नहीं दिया और वहां मौजूद दो लोग उसे कहीं ले जाकर बेचने की बात कह रहे थे। बुधवार की रात वह कमरे से किसी तरह निकल कर छत से कूद कर भाग निकला। हाईवे पर पहुंचकर उसने एक पिकअप गाड़ी को हाथ देकर आपबीती बताई। जिसके बाद गाड़ी के ड्राइवर ने उसे लाकर टिकैतनगर क्षेत्र के दुल्हादेपुर चौराहे पर छोड़ दिया। जिसके बाद वह पैदल घर पहुंचा। इंचार्ज प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार मिश्र ने बताया कि बच्चे से बात की जा रही है। बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मालूम हो कि थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम कस्बा इचौली निवासी रूपचंद वर्मा का 14 वर्षीय पुत्र गणेश 22 दिसंबर को अचानक लापता हो गया था। मामले में पीड़ित पिता ने गांव के ही फतेहखान पर अपने पुत्र के अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी लेकिन बालक का पता नहीं लग सका। गुरुवार की सुबह बालक अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूट कर अपने घर पहुंचा। अपने पिता के साथ थाने पहुंचे बालक ने बताया कि गांव के फतेहखान उसे खेत में ले गया और खेत से गन्ना तोड़कर लाने को कहा।
विज्ञापन
वहीं थोड़ी ही दूरी पर एक सफेद रंग की गाड़ी खड़ी थी। जैसे ही वह गन्ना तोड़ने के लिए झुका फतेहखान ने उसके मुंह को रुमाल से ढंक दिया। इसके बाद जब उसकी आंख खुली तो उसने अपने को एक कमरे में पाया। उसने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसे दो दिन तक खाना नहीं दिया और वहां मौजूद दो लोग उसे कहीं ले जाकर बेचने की बात कह रहे थे। बुधवार की रात वह कमरे से किसी तरह निकल कर छत से कूद कर भाग निकला। हाईवे पर पहुंचकर उसने एक पिकअप गाड़ी को हाथ देकर आपबीती बताई। जिसके बाद गाड़ी के ड्राइवर ने उसे लाकर टिकैतनगर क्षेत्र के दुल्हादेपुर चौराहे पर छोड़ दिया। जिसके बाद वह पैदल घर पहुंचा। इंचार्ज प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार मिश्र ने बताया कि बच्चे से बात की जा रही है। बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन