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42 बाल वैज्ञानिकों का राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस में चयन
Barabanki
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
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बाराबंकी। तीन दिवसीय राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शनिवार को समापन हो गया जिसमें 42 बाल वैज्ञानिकों का चयन अगले माह बनारस में होने वाली राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस के लिए किया गया है। इनमें जिले से भी दो छात्रों का चयन हुआ है। वहीं बेहतरीन मॉडल के आधार पर दो छात्र सीधे भारतीय विज्ञान कांग्रेस के लिए चुने गए जिसका आयोजन जनवरी में कोलकाता में किया जाएगा। सागर इंस्टीट्यूट में आयोजित इस समारोह के समापन अवसर पर बोलते हुए अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने कहा कि स्कूली शिक्षा पद्धति में बदलाव बहुत जरूरी है क्योंकि वर्तमान पद्धति के आधार पर हमारे बच्चे उच्च शिक्षा में बहुत अधिक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। देश की सौ करोड़ से अधिक की आबादी में बाल वैज्ञानिकों की संख्या बढ़ाये जाने पर उन्होंने जोर दिया।
अपर निदेशक ने कहा कि भारत सरकार ने वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के उद्देश्य से जिले, प्रदेश स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर योजना शुरू की है। जिसका लाभ बाल वैज्ञानिकों को मिल रहा है, लेकिन आवश्यकता यह है कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का यह मंच और भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही इंस्पायर योजना में सामंजस्य स्थापित हो। जिससे बाल वैज्ञानिक अपने प्रोजेक्ट और प्रयोगों के लिए आर्थिक संकट का शिकार न हों। उन्होंने कहा कि देश की आबादी सौ करोड़ से ऊपर है, औपचारिक शिक्षा पद्धति में कई खामियां हैं जो जमीनी हकीकत के तौर पर अप्रासंगिक हो गई हैं। उदाहरण देते हुए कहा कि कक्षा दस में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा प्रोजेक्ट वर्क के लिए जो अंक निर्धारित किए हैं उनमेें विद्यालय स्तर पर ईमानदारी से कार्य नहीं किया जा रहा है। समापन समारोह को डॉ. चन्द्रमोहन नौटियाल, डॉ. सरोज शर्मा, राजेन्द्र सिंह, मधु अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अजय मिश्रा, चंद्रशेखर कांडपाल, राजीव श्रीवास्तव, हरिनाम सिंह आदि मौजूद रहे।
बाल विज्ञान कांग्रेस में सीनियर वर्ग में 157 प्रोजेक्ट तथा जूनियर वर्ग में 144 प्रोजेक्ट वर्क प्रस्तुत किए गए। जिसमें कुल 1505 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। प्रदेश के 70 जिलों के प्रतिभागियों ने इसमें प्रतिभाग किया। इसमें 25 वैज्ञानिकों के निर्णायक मंडल ने सीनियर वर्ग एवं जूनियर वर्ग से 42 बाल वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस के लिए चयनित किया। जो 27 से 31 दिसंबर तक बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में होगी। चयनित प्रतिभागियों में दो भारतीय विज्ञान कांग्रेस के लिए सीधे चयनित किए गए जिसका आयोजन तीन से सात जनवरी 2013 को कोलकाता में होगा। वहीं 42 बाल वैज्ञानिकों में से बाराबंकी से भी दो छात्राओं का चयन राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस के लिए हुआ है। संबंधित खबरें पेज 3 पर f
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अपर निदेशक ने कहा कि भारत सरकार ने वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के उद्देश्य से जिले, प्रदेश स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर योजना शुरू की है। जिसका लाभ बाल वैज्ञानिकों को मिल रहा है, लेकिन आवश्यकता यह है कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का यह मंच और भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही इंस्पायर योजना में सामंजस्य स्थापित हो। जिससे बाल वैज्ञानिक अपने प्रोजेक्ट और प्रयोगों के लिए आर्थिक संकट का शिकार न हों। उन्होंने कहा कि देश की आबादी सौ करोड़ से ऊपर है, औपचारिक शिक्षा पद्धति में कई खामियां हैं जो जमीनी हकीकत के तौर पर अप्रासंगिक हो गई हैं। उदाहरण देते हुए कहा कि कक्षा दस में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा प्रोजेक्ट वर्क के लिए जो अंक निर्धारित किए हैं उनमेें विद्यालय स्तर पर ईमानदारी से कार्य नहीं किया जा रहा है। समापन समारोह को डॉ. चन्द्रमोहन नौटियाल, डॉ. सरोज शर्मा, राजेन्द्र सिंह, मधु अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अजय मिश्रा, चंद्रशेखर कांडपाल, राजीव श्रीवास्तव, हरिनाम सिंह आदि मौजूद रहे।
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बाल विज्ञान कांग्रेस में सीनियर वर्ग में 157 प्रोजेक्ट तथा जूनियर वर्ग में 144 प्रोजेक्ट वर्क प्रस्तुत किए गए। जिसमें कुल 1505 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। प्रदेश के 70 जिलों के प्रतिभागियों ने इसमें प्रतिभाग किया। इसमें 25 वैज्ञानिकों के निर्णायक मंडल ने सीनियर वर्ग एवं जूनियर वर्ग से 42 बाल वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस के लिए चयनित किया। जो 27 से 31 दिसंबर तक बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में होगी। चयनित प्रतिभागियों में दो भारतीय विज्ञान कांग्रेस के लिए सीधे चयनित किए गए जिसका आयोजन तीन से सात जनवरी 2013 को कोलकाता में होगा। वहीं 42 बाल वैज्ञानिकों में से बाराबंकी से भी दो छात्राओं का चयन राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस के लिए हुआ है। संबंधित खबरें पेज 3 पर f
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