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एंबुलेंस फिटनेस में फंस सकता पेंच
Barabanki
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
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बाराबंकी। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत शासन ने आपातकालीन सेवाओं के मद्देनजर प्रदेश भर में एंबुलेंस भले ही भेज दी हों। मगर प्रत्येक ब्लॉक में भेजी गई इन एंबुलेंस के फिटनेस में पेंच फंस सकता है। गौरतलब है कि सभी एंबुलेंस का बाराबंकी जिले के एआरटीओ कार्यालय में पंजीयन कराकर इन्हें प्रदेश भर में भेजा गया है। जबकि नियमानुसार जहां से एंबुलेंस का पंजीयन होता है फिटनेस कराने के वहीं आना होता है।
गौरतलब है कि एनआरएचएम के तहत सरकार ने प्रदेश भर के प्रत्येक ब्लॉक में एंबुलेंस भेजी जा रही है। शासन ने सभी एंबुलेंस बाराबंकी एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत कराई हैं।
पंजीयन कर भेजी जा रही इन एंबुलेंस में दो वर्ष का फिटनेस प्रमाण पत्र सहायक संभागीय विभाग द्वारा जारी किया गया है। किंतु प्रत्येक वर्ष होने वाली फिटनेस आगे कैसे हो सकेगी, इसको लेकर समस्या उत्पन्न हो सकती है। विभागीय जानकारों का कहना है कि जिस जिले में वाहन का पंजीयन होता है फिटनेस उसी जिले के कार्यालय से किया जाता है। भले वाहन सरकारी हो अथवा गैर सरकारी, क्योंकि फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए भरा जाने वाला फार्म 12 पंजीयन के मूल पत्रावली के साथ रखा जाता है। ऐसे में दो वर्ष बाद ही सही ये सभी वाहन फिटनेस के लिए बाराबंकी आएंगे या नहीं। इस पर संशय बना हुआ है। ऐसे में इनके फिटनेस पर संशय उत्पन्न होने लगा है। एंबुलेंस आपातकालीन सेवा के लिए होती है ऐसे में इन वाहनों का फिटनेस होना भी बेहद जरूरी है।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सगीर अहमद अंसारी कहते हैं कि सभी एंबुलेंस का दो वर्ष का फिटनेस है। चूंकि ये सरकारी वाहन हैं इसलिए इनका उसी जिले में फिटनेस कराने का प्रावधान कराया जाएगा। जिस जिले में वाहन का प्रयोग किया जा रहा है।
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गौरतलब है कि एनआरएचएम के तहत सरकार ने प्रदेश भर के प्रत्येक ब्लॉक में एंबुलेंस भेजी जा रही है। शासन ने सभी एंबुलेंस बाराबंकी एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत कराई हैं।
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पंजीयन कर भेजी जा रही इन एंबुलेंस में दो वर्ष का फिटनेस प्रमाण पत्र सहायक संभागीय विभाग द्वारा जारी किया गया है। किंतु प्रत्येक वर्ष होने वाली फिटनेस आगे कैसे हो सकेगी, इसको लेकर समस्या उत्पन्न हो सकती है। विभागीय जानकारों का कहना है कि जिस जिले में वाहन का पंजीयन होता है फिटनेस उसी जिले के कार्यालय से किया जाता है। भले वाहन सरकारी हो अथवा गैर सरकारी, क्योंकि फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए भरा जाने वाला फार्म 12 पंजीयन के मूल पत्रावली के साथ रखा जाता है। ऐसे में दो वर्ष बाद ही सही ये सभी वाहन फिटनेस के लिए बाराबंकी आएंगे या नहीं। इस पर संशय बना हुआ है। ऐसे में इनके फिटनेस पर संशय उत्पन्न होने लगा है। एंबुलेंस आपातकालीन सेवा के लिए होती है ऐसे में इन वाहनों का फिटनेस होना भी बेहद जरूरी है।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सगीर अहमद अंसारी कहते हैं कि सभी एंबुलेंस का दो वर्ष का फिटनेस है। चूंकि ये सरकारी वाहन हैं इसलिए इनका उसी जिले में फिटनेस कराने का प्रावधान कराया जाएगा। जिस जिले में वाहन का प्रयोग किया जा रहा है।