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स्थिर घाघरा कटान तेज, 1.3 लाख क्यूसेेक छोडा गया पानी
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:50 PM IST
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स्थिर हुई घाघरा, कटान तेज
बाराबंकी। घाघरा का जलस्तर थमने के बाद तराई क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है। जिसको लेकर बाढ़ पीडित काफी चिंतित है। वहीं एल्गिन चरसढ़ी बांध के लगातार कटने से घाघरा केे मुहाने पर बसे सिरौलीगौसपुर तहसील के नाउनपुरवा, चरपुरवा, नयापुरवा, बेहटा व रायपुर मांझा गांव का वजूद खतरे में है। हालांकि प्रशासन ने पहले ही इन गांवों के बाशिंदों को सुरक्षित बंधे पर पहुंचा दिया है।
शनिवार को एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर 106.106 रहा जो खतरे के निशान से 3 सेंटीमीटर ऊपर था। इसी बीच 1.3 लाख क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ने की सूचना जिला प्रशासन को मिली। लगातार नेपाल से छोड़े जा रहे पानी से भले ही घाघरा का जलस्तर में बढ़ोत्तरी न हो रही हो। मगर एल्गिन चरसड़ी बाध के कटने से पानी का दबाव तराई में बसे गांवों में तबाही मचा रहा है। ऐसे में प्रशासन को घाघरा के उस पार बसे सिरौलीगौसपुर तहसील के करीब आधा दर्जन गांवों का वजूद मिटने की चिंता सता रही है। उधर, घाघरा का जलस्तर घटने से सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट व रामनगर तहसील के नैपुरा, परसावल, कमियार, मल्दहा, कोरिनपुरवा व तपेसिपाह गांव के बाहर कटान तेज होने लगी है। घाघरा में समा रहे खेतों को लेकर तराई के लोगों की चिंताए बढ़ गई हैं। इस संबंध में एसडीएम अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नकहरा के पास कट रहे बांध से घाघरा के उस पार बसे सिरौलीगौसपुर तहसील के आधा दर्जन गांवों पर खतरा बढ़ा है। हालांकि ग्रामीणों को पहले ही बंधे पर सुरक्षित पहुंचाया दिया गया है।
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बाराबंकी। घाघरा का जलस्तर थमने के बाद तराई क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है। जिसको लेकर बाढ़ पीडित काफी चिंतित है। वहीं एल्गिन चरसढ़ी बांध के लगातार कटने से घाघरा केे मुहाने पर बसे सिरौलीगौसपुर तहसील के नाउनपुरवा, चरपुरवा, नयापुरवा, बेहटा व रायपुर मांझा गांव का वजूद खतरे में है। हालांकि प्रशासन ने पहले ही इन गांवों के बाशिंदों को सुरक्षित बंधे पर पहुंचा दिया है।
शनिवार को एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर 106.106 रहा जो खतरे के निशान से 3 सेंटीमीटर ऊपर था। इसी बीच 1.3 लाख क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ने की सूचना जिला प्रशासन को मिली। लगातार नेपाल से छोड़े जा रहे पानी से भले ही घाघरा का जलस्तर में बढ़ोत्तरी न हो रही हो। मगर एल्गिन चरसड़ी बाध के कटने से पानी का दबाव तराई में बसे गांवों में तबाही मचा रहा है। ऐसे में प्रशासन को घाघरा के उस पार बसे सिरौलीगौसपुर तहसील के करीब आधा दर्जन गांवों का वजूद मिटने की चिंता सता रही है। उधर, घाघरा का जलस्तर घटने से सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट व रामनगर तहसील के नैपुरा, परसावल, कमियार, मल्दहा, कोरिनपुरवा व तपेसिपाह गांव के बाहर कटान तेज होने लगी है। घाघरा में समा रहे खेतों को लेकर तराई के लोगों की चिंताए बढ़ गई हैं। इस संबंध में एसडीएम अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नकहरा के पास कट रहे बांध से घाघरा के उस पार बसे सिरौलीगौसपुर तहसील के आधा दर्जन गांवों पर खतरा बढ़ा है। हालांकि ग्रामीणों को पहले ही बंधे पर सुरक्षित पहुंचाया दिया गया है।
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