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तीन प्रदेशों के अधिकारियों ने देखा मत्स्य पालन
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:32 PM IST
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तीन प्रदेशों के अधिकारियों ने देखा मत्स्य पालन
- कहा, छोटे-छोटे किसानों का ग्रुप बनाकर जोड़े
फोटो:- 53 पी
देेवा (बाराबंकी)। राष्ट्रीय मत्स्यकी विकास परिषद हैदराबाद से आई टीम ने क्षेत्र के गंगवारा गांव में लगे मो. आसिफ के मत्स्य पालन परिक्षेत्र का निरीक्षण किया। सलाह दी कि आसपास के छोटे-छोटे मत्स्य पालकों का ग्रुप बनाकर उन्हें मत्स्य पालन की जानकारी दी।
मालूम हो कि राष्ट्रीय मत्स्यकी विकास परिषद ने इस मत्स्य प्लांट को सब्सिडी दी है। जिसे लेकर हैदराबाद से आई टीम के सदस्य चीफ कंसलटेंट विप्लव चंद्र, पंजाब के मत्स्य निदेशक डॉ. मोहन दास तथा हरियाणा के डायरेक्ट मत्स्य के प्रतिनिधि ने मत्स्य पालन का हाल देखा। इस दौरान टीम ने मछली का चारा बनाने वाली फैक्ट्री का निरीक्षण किया। और तालाब में पल रही पैंगेसियस मछली का प्लांट भी देखा। इस दौरान टीम के अधिकारियों ने कहा कि छोटे किसानों को साथ लेकर चले इससे मत्स्य पालन के क्षेत्रों में आमदनी का अच्छा स्रोत बनेगा। और वह भी जागरूक होंगे। इस मौके पर सहायक मत्स्य पालक अभिकरण अधिकारी वीएस चौरसिया समेत विभाग के कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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- कहा, छोटे-छोटे किसानों का ग्रुप बनाकर जोड़े
फोटो:- 53 पी
देेवा (बाराबंकी)। राष्ट्रीय मत्स्यकी विकास परिषद हैदराबाद से आई टीम ने क्षेत्र के गंगवारा गांव में लगे मो. आसिफ के मत्स्य पालन परिक्षेत्र का निरीक्षण किया। सलाह दी कि आसपास के छोटे-छोटे मत्स्य पालकों का ग्रुप बनाकर उन्हें मत्स्य पालन की जानकारी दी।
मालूम हो कि राष्ट्रीय मत्स्यकी विकास परिषद ने इस मत्स्य प्लांट को सब्सिडी दी है। जिसे लेकर हैदराबाद से आई टीम के सदस्य चीफ कंसलटेंट विप्लव चंद्र, पंजाब के मत्स्य निदेशक डॉ. मोहन दास तथा हरियाणा के डायरेक्ट मत्स्य के प्रतिनिधि ने मत्स्य पालन का हाल देखा। इस दौरान टीम ने मछली का चारा बनाने वाली फैक्ट्री का निरीक्षण किया। और तालाब में पल रही पैंगेसियस मछली का प्लांट भी देखा। इस दौरान टीम के अधिकारियों ने कहा कि छोटे किसानों को साथ लेकर चले इससे मत्स्य पालन के क्षेत्रों में आमदनी का अच्छा स्रोत बनेगा। और वह भी जागरूक होंगे। इस मौके पर सहायक मत्स्य पालक अभिकरण अधिकारी वीएस चौरसिया समेत विभाग के कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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