{"_id":"5b6b33e94f1c1bbd298b860c","slug":"71533752297-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्तन साफ नहीं होने पर बच्चों ने खाने से किया इंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्तन साफ नहीं होने पर बच्चों ने खाने से किया इंकार
Updated Wed, 08 Aug 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाक्स
बर्तन साफ नहीं होने पर
बच्चों ने नहीं खाया खाना
क्रासर
- प्रधान के घर से पका कर लाया गया था एमडीएम
-शौचालय की बाल्टी में दाल लाने पर भी हुआ विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। रेहुरा प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम का बर्तन साफ नहीं होने पर बच्चों ने खाने से इंकार कर दिया। इसके बाद विद्यालय में एमडीएम पकाया गया। प्रधान के घर से बनकर आए एमडीएम की दाल की बाल्टी गंदी होने की जानकारी पर भी एक दिन पहले बच्चों ने खाना नहीं खाया था।
सुबेहा के रेहुरा गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहे दोपहर का भोजन प्रधान किशोरी लाल चौरसिया के घर बनाकर लाया जाता था। नीशू, शब्द तिवारी, अर्जुन, साधना, अनंत, आदर्श, स्वाती, सपना, छवि, अरुण नंदनी, अंदिता समेत करीब 35 बच्चे विद्यालय में पढ़ते हैं। इन लोगों ने बताया कि मंगलवार को दोपहर के भोजन में आई दाल की बाल्टी प्रधान के घर पर शौचालय में पानी ले जाने के प्रयोग में लाई जाती है। इसकी जानकारी प्रधान के घर के बच्चों से ही उजागर होने पर बच्चों ने खाना खाने से इंकार कर दिया था। जानकारी पर बच्चों के परिवारीजनो ने खंड शिक्षा अधिकारी को लापरवाही की जानकारी दी थी। खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर बुधवार को विद्यालय में एमडीएम पकाकर बच्चों में भोजन वितरित किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी आरके द्विवेदी ने कहा अभिभावको की शिकायत पर एमडीएम विद्यालय में ही पकाए जाने के निर्देश दिए गए है।
विज्ञापन
बर्तन साफ नहीं होने पर
बच्चों ने नहीं खाया खाना
क्रासर
- प्रधान के घर से पका कर लाया गया था एमडीएम
-शौचालय की बाल्टी में दाल लाने पर भी हुआ विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। रेहुरा प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम का बर्तन साफ नहीं होने पर बच्चों ने खाने से इंकार कर दिया। इसके बाद विद्यालय में एमडीएम पकाया गया। प्रधान के घर से बनकर आए एमडीएम की दाल की बाल्टी गंदी होने की जानकारी पर भी एक दिन पहले बच्चों ने खाना नहीं खाया था।
सुबेहा के रेहुरा गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहे दोपहर का भोजन प्रधान किशोरी लाल चौरसिया के घर बनाकर लाया जाता था। नीशू, शब्द तिवारी, अर्जुन, साधना, अनंत, आदर्श, स्वाती, सपना, छवि, अरुण नंदनी, अंदिता समेत करीब 35 बच्चे विद्यालय में पढ़ते हैं। इन लोगों ने बताया कि मंगलवार को दोपहर के भोजन में आई दाल की बाल्टी प्रधान के घर पर शौचालय में पानी ले जाने के प्रयोग में लाई जाती है। इसकी जानकारी प्रधान के घर के बच्चों से ही उजागर होने पर बच्चों ने खाना खाने से इंकार कर दिया था। जानकारी पर बच्चों के परिवारीजनो ने खंड शिक्षा अधिकारी को लापरवाही की जानकारी दी थी। खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर बुधवार को विद्यालय में एमडीएम पकाकर बच्चों में भोजन वितरित किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी आरके द्विवेदी ने कहा अभिभावको की शिकायत पर एमडीएम विद्यालय में ही पकाए जाने के निर्देश दिए गए है।
विज्ञापन