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बाढ पर घाघरा ,बांध को खतरा
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:32 AM IST
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एबाराबंकी। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा अपने तेवर दिखाने लगी है। तराई में घाघरा के तांडव को देखकर रामनगर के कंचनापुर के लोग पलायन करने लगे है। वहीं, घाघरा के उस पार बसे इसी तहसील के गांव जमका, खुज्जी में भी पानी घुसने लगा है। तो सिरौलीगौसपुर तहसील के रायपुर मांझा, नाउनपुरवा, चरपुरवा, बेहटा व रामसनेहीघाट में पहले से पानी भरे होने के कारण तराई के बाशिंदों के छप्परनुमा मकान गिर रहे हैं। वहीं, हवा के थपेड़ों से खेतों को काटकर अलीनगर-रानीमऊ तटबंध की ओर बढ़ रही है जिससे घाघरा से बांध के कटान का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि कोठरी गौरिया के पास कटरों के बचाने का काम बाढ़ खंड के जेई के नेतृत्व वाली टीमें कर रही है। इस बाढ़ में कई जगहों में बडे़-बडे़ रेनकट हो गए है। जिन्हें भी समय से न भरा गया तो इन स्थानों पर भी बांध कटने से कोठरी गौरिया, टूटरू, मरौचा, रानी का पुरवा, पासिनपुरवा, बोधिकपुरवा, गिदारपुर, छोरिया, मल्लाहनपुरवा, गौरी का पुरवा, इटहुवा पश्चिम, बराईन, टेरे राजा, पडरावां, भुडवा, बचलनपुरवा, नवाडीह, ककरहा, रानीमऊ आदि बांध से मिले गांव तबाह होंगे। बुधवार दोपहर घाघरा का जलस्तर 106.296 रहा जो खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर था।
एल्गिन चरसढ़ी बांध पहले से ही कटा होने के कारण अलीनगर रानीमऊ बांध को कम खतरा है। क्योंकि अधिकांश पानी कटे हुए बांध से गोंडा जिले के गांवों को प्रभावित कर रहा है। सिरौलीगौसपुर तहसील के भी 7 गांव प्रभावित है। जहां के लोगों को सुरक्षित बांध पर पहुंचाने के साथ राहत सामग्री भी वितरित की जा रही है। -सुशील प्रताप सिंह, एसडीएम सिरौलगौसपुर
प्रधानों को नाव खरीदने के आदेश
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के प्रधानों को पूर्व में भी नावे खरीदने के आदेश एसडीएम स्तर से दिए गए थे। मगर, प्रधानों ने पुरानी नावों की मरम्मत व नई नावें खरीदने का काम नहीं किया। जिसको लेकर जिला पंचायत अधिकारी ने सख्ती दिखाते हुए ग्राम प्रधानों को पुरानी नावों की मरम्मत व नई नावों के खरीदने के आदेश दिए है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि उनके पास कुल 207 नावें है जिसमें से 16 नावें बढ़ी हैं।
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एल्गिन चरसढ़ी बांध पहले से ही कटा होने के कारण अलीनगर रानीमऊ बांध को कम खतरा है। क्योंकि अधिकांश पानी कटे हुए बांध से गोंडा जिले के गांवों को प्रभावित कर रहा है। सिरौलीगौसपुर तहसील के भी 7 गांव प्रभावित है। जहां के लोगों को सुरक्षित बांध पर पहुंचाने के साथ राहत सामग्री भी वितरित की जा रही है। -सुशील प्रताप सिंह, एसडीएम सिरौलगौसपुर
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प्रधानों को नाव खरीदने के आदेश
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के प्रधानों को पूर्व में भी नावे खरीदने के आदेश एसडीएम स्तर से दिए गए थे। मगर, प्रधानों ने पुरानी नावों की मरम्मत व नई नावें खरीदने का काम नहीं किया। जिसको लेकर जिला पंचायत अधिकारी ने सख्ती दिखाते हुए ग्राम प्रधानों को पुरानी नावों की मरम्मत व नई नावों के खरीदने के आदेश दिए है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि उनके पास कुल 207 नावें है जिसमें से 16 नावें बढ़ी हैं।
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