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पतुलकी गांव में डायरिया के मिले 1

Tue, 12 Sep 2017 11:47 PM IST
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:47 PM IST
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पतुलकी गांव में डायरिया के मिले 1
पतुलकी में डायरिया के मिले 18 और नए मरीज
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दरियाबाद (बाराबंकी)। पतुलकी गांव में डायरिया फैलने के बाद दौरा कर सीएमओ ने इलाज के लिए कैंप लगाने को कहा था। जब तक गांव से संक्रमण दूर नहीं होगा चिकित्सक व कर्मचारियों को रात दिन रुककर इलाज करने को कहा था। कर्मचारियों की लापरवाही से मंगलवार को डायरिया के 18 और नए मरीज मिले हैं। इलाज न मिलने पर मरीजों की हालत बिगड़ने लगी जिससे सभी मरीजों को सीएचसी मथुरानगर में भर्ती कराया गया।
विकास खंड दरियाबाद के ग्राम पतुलकी में स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन दिन से गांव में डेरा डालकर मरीजों का उपचार करने में जुटी होने का दावा कर रही है। उसके बाद भी मंगलवार को नए मरीजों की तादात बढ़ने लगी। जिसमें प्रेमावती (60), जंगजीवन (38), बाबादीन (60), मोहन (7), सुधा (60), मंजीत (45), मेराज (27), मोहनी (10), रूची (7), सुभम (8), इलियास (30), मख्बुल (63), तारावती (65), बैजनाथ (53), नीतू (13), सुशील (48), तसलीम (15) आदि नए मरीज स्वास्थ कैंप पर दवा लेने पहुंचे। यह सभी मरीज उल्टी-दस्त व बुखार से पीड़ित थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों दस बजे तक आए मरीजों को दवा वितरण किया व क्लोरीन की गोली देकर पीने वाले पानी में प्रयोग करने की सलाह दी। बाद में कैंप के चिकित्सक गायब हो गए जिससे शिविर में दवा लेने आई सुभम, रूची, प्रेमावती, मोहनी को अधिक की हालत बिगड़ने पर परिजन सीएचसी लेकर पहुुंचे। जहां पर चिकित्सकों ने भर्ती कर इलाज शुुरु कर दिया। गांव में दस दिन पूर्व से शुरू हुए डायरिया के इस प्रकोप से दो महिलाओं की जान जा चुकी है उसके बाद भी जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। गांव मे कैंप करने को तैनात चिकित्सक भी घंटे दो घंटे ही बैठ कर खानापूर्ति करके लौट जाते हैं। कैंप में डॉ. सौरभ कुमार तैनात हैं, पर मंगलवार को दो घंटे के लिए और फिर कहीं चले गए। कैंप में केवल एनएम मधुलता व संविदाकर्मी राम प्रताप सिंह ही आने वाले मरीजों को दवा दे रहे थे।
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गांव में मरीजों का इलाज करने के लिए रात दिन शिविर लगाया जाता है। दिन में चिकित्सक के गायब रहने व नए मरीजों के बढ़ने की जानकारी नहीं है। मौके पर अधिकारियों को भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर इलाज में लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. रमेश चंद्र, सीएमओ
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