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Barabanki News: अयोध्या हाइवे पर 38 स्थान बने खतरे का सबब, 15 फीसदी सड़क हादसे बढ़े
Thu, 22 Sep 2022 04:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
कवेंद्र नाथ पांडेय, अमर उजाला, बाराबंकी
कवेंद्र नाथ पांडेय, अमर उजाला, बाराबंकी
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 04:56 PM IST
सार
अयोध्या हाइवे पर 15 फीसदी सड़क हादसे बढ़ गए हैं। हादसों में 10 फीसदी की कमी लाने के लिए योजना बनाई गई है। इस संबंध में यातायात निदेशालय ने रिपोर्ट दी है।
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सड़क पर हादसों की संख्या बढ़ गई है।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी की सीमा से शुरू होकर रामनगरी तक जाने वाले अयोध्या हाईवे पर 15 फीसदी सड़क हादसे बढ़ गए हैं। यातायात निदेशालय की रिपोर्ट पर अपर मुख्य सचिव गृह के पत्र पर 10 फीसदी हादसों में कमी लाने के लिए 50 किमी. में 38 दुर्घटना बाहुल्य स्थान चिह्नित कर वहां पर बरतने वाली सतर्कता की रिपोर्ट एसपी ने डीएम को भेजी है।
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पत्र में सड़क सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कहीं डिवाइडर को ऊंचा करने तो कहीं ओवरब्रिज पर रेलिंग बनाने से लेकर सर्विस लेन कट और डिवाइडर कट न रखकर 100 मीटर आगे या पीछे रखने की आवश्यकता बताई है। एसपी ने डीएम को भेजे गए पत्र में सुझावों पर अमल हुआ तो लखनऊ से अयोध्या हाईवे पर जिले की सीमा में सफर सुरक्षित होगा।
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सुप्रीम कोर्ट और मुख्यमंत्री द्वारा हादसों में कमी लाने के लिए दिए गए आदेश पर यातायात निदेशालय ने जो रिपोर्ट दिया था उसमें राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर 15 फीसदी सड़क हादसे बढ़ने की जानकारी दी थी। जिले में 486 सड़क हादसों में 287 लोगों की मौत हुई तो 288 घायल हुए। इसमें अकेले एनएच-28 की बात करें तो लखनऊ से अयोध्या की सीमा तक एक वर्ष में करीब डेढ़ सौ सड़क दुर्घटनाएं हुईं।
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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, गोल्डेन ब्लाशम से मोहम्मदुपर चौकी तक छह, सफेदाबाद से चौपुला तक 33, सागर इंस्टीट्यूट तक 18, लक्षबर बजहा से सफदरगंज चौराहा तक 29 तथा सफदरगंज पल्हरी से रामसनेहीघाट तक 62 सड़क हादसे हुए।
इस वीवीआईपी सड़क पर हादसों को रोकने के लिए एएसपी यातायात के आदेश पर ट्रैफिक के एक दरोगा ने हाईवे पर हुए सड़क हादसों का इतिहास खंगाल कर उसका अध्ययन किया। उसके बाद कड़ी मेहनत कर 50 किमी लंबे हाईवे का मानचित्र खींच दुर्घटना बाहुल्य स्थलों को चिह्नित किया।
वहीं सड़क हादसों को रोकने के लिए जरूरी उपायों के आधार पर एक फार्मूला तैयार कर एसपी को सौंपा। इसके तहत चिह्नित 38 स्थलों पर सड़क सुरक्षा को लेकर सर्विस लेन पर कट बंद करने, टॉप टेबल बनाने, क्रैस बैरियर, स्प्रिंग डिवाइडर बनाने संबंधी कार्य कराने का प्रस्ताव डीएम को भेजा गया है। इसकी एक प्रति मंडलायुक्त अयोध्या व डीआईजी अयोध्या को भेजी गई है।
गोल्डेन ब्लाशम से पुलिस चौकी के सामने बंद होंगे कट
दिए गए सुझाव में कई जगह कट बंद कराने, स्पीड टेबिल बनाने से लेकर अलर्ट स्ट्रिप बनाने के साथ ही हाईवे पर बड़ेल कट, मंजीठा साइन बोर्ड के पास कट बंद कराने की नितांत आवश्यकता जताई है। सफेदाबाद, असेनी, हैदरगढ़, पल्हरी, रसौली, कोटवासड़क, भिटरिया ओवरब्रिज की रेलिंग के पास जहां अयोध्या की ओर चलने पर पुल की रेलिंग शुरू होती है वहां स्प्रींग पोस्ट, डेलीनेेटर लगाने के साथ ही छह इंच तक रसौली से भिटरिया तक डिवाइडर ऊंचा कराने समेत कई सुझाव शामिल हैं।
एसपी यातायात पूर्णेंदु सिंह का कहना है कि सड़क हादसों को रोकने को लेकर अयोध्या हाईवे पर 38 दुर्घटना बाहुल्य स्थल चिह्नित कर फार्मूला तैयार किया गया है। जहां पर सुरक्षा की दृष्टिगत कुछ कार्य कराए जाने हैं। इस संबंध में एसपी द्वारा डीएम को पत्र भेजा गया है। इस कार्य के होने से हादसों में कमी आएगी।