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Barabanki News: प्रशिक्षण के बाद 30 को मिले प्रमाणपत्र
Sat, 14 Dec 2024 12:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 14 Dec 2024 12:56 AM IST
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संतकबीरनगर। न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती तायल की कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में दोषी को चार लाख छप्पन हजार दो रुपये चार पैसे अर्थ दंड एवं तीन माह के साधारण कारावास से दंडित किया है।
अर्थ दंड की धनराशि में से चार लाख इक्यावन हजार दो रुपये बतौर क्षतिपूर्ति परिवादी को अदा करने तथा शेष धनराशि पांच हजार रुपये राज्य सरकार के खाते में जब्त किए जाने का आदेश दिया। अर्थ दंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी से भू राजस्व के रूप में वसूल की जाएगी तथा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित की जाए।
कोतवाली खलीलाबाद अंतर्गत विधियानी निवासी धर्मेन्द्र कुमार पुत्र बुधई प्रजापति ने कोर्ट में परिवाद पत्र दाखिल किया कहा कि विपक्षी थाना कोतवाली खलीलाबाद अंतर्गत ग्राम मलोरना निवासी वशिष्ठ सिंह पुत्र सूर्य नारायण सिंह आपस में परिचित हैं। विपक्षी व्यवसाय करता है। विपक्षी वशिष्ठ सिंह ने परिवादी से व्यवसाय करने के लिए दो लाख रुपये की मांग की। परिवादी ने दो मार्च 2019 को दो लाख रुपये जरिये आरटीजीएस चेक से शाखा खलीलाबाद से विपक्षी के खाता संख्या खलीलाबाद बैंक में अंतरित कर दिया। शर्त के अनुसार विपक्षी ने तत्परता दिखाते हुए 19,998 रुपये परिवादी के खाते में भेज दिया।
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तीन अप्रैल 2019 के बाद विपक्षी ने उसे कोई लाभांश नहीं दिया। वह विपक्षी से मिला और रुपये नहीं देने का कारण पूछा तो विपक्षी ने कहा कि समस्त रुपये व्यवसाय में लगा दिया है। इसके बाद 10 जनवरी 2020 को विपक्षी ने एक मुश्त धनराशि तीन लाख अस्सी हजार दो रुपये का चेक जारी कर दिया। जो बाउंस हो गया। उसने अधिवक्ता के माध्यम से विपक्षी को नोटिस भेजा। जिसका अनुपालन विपक्षी ने नहीं किया। फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती तायल की कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस को सुनने, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए दोषी वशिष्ठ सिंह निवासी मलोरना थाना कोतवाली खलीलाबाद को तीन लाख अस्सी हजार रुपये एवं उस पर पांच प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से लगभग चार वर्ष तक चले मुकदमे तथा चेक की धनराशि को जोड़ते हुए कुल चार लाख छप्पन हजार दो रुपये चार पैसे के अर्थ दंड एवं तीन माह के साधारण कारावास से दंडित किए जाने का आदेश दिया है।ं
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अर्थ दंड की धनराशि में से चार लाख इक्यावन हजार दो रुपये बतौर क्षतिपूर्ति परिवादी को अदा करने तथा शेष धनराशि पांच हजार रुपये राज्य सरकार के खाते में जब्त किए जाने का आदेश दिया। अर्थ दंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी से भू राजस्व के रूप में वसूल की जाएगी तथा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित की जाए।
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कोतवाली खलीलाबाद अंतर्गत विधियानी निवासी धर्मेन्द्र कुमार पुत्र बुधई प्रजापति ने कोर्ट में परिवाद पत्र दाखिल किया कहा कि विपक्षी थाना कोतवाली खलीलाबाद अंतर्गत ग्राम मलोरना निवासी वशिष्ठ सिंह पुत्र सूर्य नारायण सिंह आपस में परिचित हैं। विपक्षी व्यवसाय करता है। विपक्षी वशिष्ठ सिंह ने परिवादी से व्यवसाय करने के लिए दो लाख रुपये की मांग की। परिवादी ने दो मार्च 2019 को दो लाख रुपये जरिये आरटीजीएस चेक से शाखा खलीलाबाद से विपक्षी के खाता संख्या खलीलाबाद बैंक में अंतरित कर दिया। शर्त के अनुसार विपक्षी ने तत्परता दिखाते हुए 19,998 रुपये परिवादी के खाते में भेज दिया।
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तीन अप्रैल 2019 के बाद विपक्षी ने उसे कोई लाभांश नहीं दिया। वह विपक्षी से मिला और रुपये नहीं देने का कारण पूछा तो विपक्षी ने कहा कि समस्त रुपये व्यवसाय में लगा दिया है। इसके बाद 10 जनवरी 2020 को विपक्षी ने एक मुश्त धनराशि तीन लाख अस्सी हजार दो रुपये का चेक जारी कर दिया। जो बाउंस हो गया। उसने अधिवक्ता के माध्यम से विपक्षी को नोटिस भेजा। जिसका अनुपालन विपक्षी ने नहीं किया। फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती तायल की कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस को सुनने, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य तथा मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए दोषी वशिष्ठ सिंह निवासी मलोरना थाना कोतवाली खलीलाबाद को तीन लाख अस्सी हजार रुपये एवं उस पर पांच प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से लगभग चार वर्ष तक चले मुकदमे तथा चेक की धनराशि को जोड़ते हुए कुल चार लाख छप्पन हजार दो रुपये चार पैसे के अर्थ दंड एवं तीन माह के साधारण कारावास से दंडित किए जाने का आदेश दिया है।ं