{"_id":"59b824cb4f1c1be77f8b654e","slug":"21505240267-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासन ने गबन के आरोपी ईओ को किया निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासन ने गबन के आरोपी ईओ को किया निलंबित
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन ने गबन के आरोपी ईओ को किया निलंबित
फतेहपुर (बाराबंकी)। पिछली सरकार में सफेदपोशों के काफी करीबी रहकर जिले के दो नगर पंचायतों का जिम्मा संभालते हुए तेहरवें वित्त आयोग की धनराशि में जमकर घोटाला करने वाले चर्चित अधिशासी अधिकारी को शासन ने निलंबित कर दिया है। ईओ ने अपनी तैैनाती के दौरान इस योजना के तहत कई निर्माण कार्यों में धांधली की थी। शिकायत के बाद जांच में इसकी पुष्टि होने पर शासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
नगर पंचायत में बीते तीन वर्ष से तैनात ईओ जियाउल हक पर वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 13वें वित्त आयोग की धनराशि के दुरुपयोग एवं अन्य अनियमितता के आरोप लगे थे। जिसके तहत स्थानीय निकाय निदेशालय ने एक जांच समिति गठित की थी। जांच समिति ने 20 जुलाई को अपनी आख्या निदेशालय को सौंपी, जिसमें ईओ जियाउल हक़ द्वारा तेरहवें वित्त आयोग के तहत हुए निर्माण कार्यों के भुगतान नियम विरुद्ध तरीकों से किए जाने की पुष्टि हुई। इसके अतिरिक्त नगर में हुए नाले के घटिया निर्माण की भी पुष्टि जांच समिति ने की। इस दौरान निर्माण के लिए टेंडर के विज्ञापन मनमाने तरीके से केवल एक समाचार पत्र में ही प्रकाशित करवाए गए। जिसे जांच समिति ने गंभीर अनियमितता माना। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय निकाय निदेशक अनिल कुमार सिंह ने ईओ जियाउल हक़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन
फतेहपुर (बाराबंकी)। पिछली सरकार में सफेदपोशों के काफी करीबी रहकर जिले के दो नगर पंचायतों का जिम्मा संभालते हुए तेहरवें वित्त आयोग की धनराशि में जमकर घोटाला करने वाले चर्चित अधिशासी अधिकारी को शासन ने निलंबित कर दिया है। ईओ ने अपनी तैैनाती के दौरान इस योजना के तहत कई निर्माण कार्यों में धांधली की थी। शिकायत के बाद जांच में इसकी पुष्टि होने पर शासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
नगर पंचायत में बीते तीन वर्ष से तैनात ईओ जियाउल हक पर वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 13वें वित्त आयोग की धनराशि के दुरुपयोग एवं अन्य अनियमितता के आरोप लगे थे। जिसके तहत स्थानीय निकाय निदेशालय ने एक जांच समिति गठित की थी। जांच समिति ने 20 जुलाई को अपनी आख्या निदेशालय को सौंपी, जिसमें ईओ जियाउल हक़ द्वारा तेरहवें वित्त आयोग के तहत हुए निर्माण कार्यों के भुगतान नियम विरुद्ध तरीकों से किए जाने की पुष्टि हुई। इसके अतिरिक्त नगर में हुए नाले के घटिया निर्माण की भी पुष्टि जांच समिति ने की। इस दौरान निर्माण के लिए टेंडर के विज्ञापन मनमाने तरीके से केवल एक समाचार पत्र में ही प्रकाशित करवाए गए। जिसे जांच समिति ने गंभीर अनियमितता माना। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय निकाय निदेशक अनिल कुमार सिंह ने ईओ जियाउल हक़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन