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...हम अपने दिल में पूरा एक ही हिंदुस्तान रखते हैं
Updated Tue, 15 Aug 2017 12:15 AM IST
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...हम अपने दिल में पूरा एक ही हिंदुस्तान रखते हैं
- दादा मियां के उर्स के अवसर पर आल इंडिया मुशायरे का आयोजन
जैदपुर (बाराबंकी)। दादा मियां के उर्स के अवसर पर कस्बे के मोहल्ला बड़ापूरा में रविवार रात आल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे की सदारत पूर्व चेयरमैन जियाउर्रमान अंसारी तथा निजामत नदीम फारुख ने की।
मुसलमा हैं मियां हम एक ही खुदा पर ईमान रखते हैं, हम अपने दिल में पूरा एक ही हिंदुस्तान रखते हैं, उस्मान मिनाई ने यह कलाम पेश किया तो पांडाल वाह-वाह इरशाद से गूंज उठा। इसके बाद शबा बलरामपूरी ने पढ़ा- हम पर तुम्हारे प्यार ने एहसान कर दिया, निर्धन की जिंदगी को भी धनवान कर दिया, पूछा मेरी सहलियों ने दिल में किस को बसाए हो, हमने तेरे नाम का एलान कर दिया। आसिफ फारूकी ने अपने अंदाज में पढ़ा- वह अगर प्यार से मांगे तो जान हाजिर है, अकड़ कर भीख भी मांगी तो मुंह मोड़ लूंगा। इस के अलावा अशद आजमगढ़ी, रिहान ताबिस, विकास बौखल व अल्ताफ जिया मालेगांव ने भी अपने कलाम पेश किए। इस अवसर पर अली अब्बास, इस्लामुद्दीन, इब्राहिम, वैश, अदनान, आलम चौधरी, बब्लू सहित कमेटी के सदस्य मौजूद थे। पूरी रात श्रोता पंडाल में जमा रहे।
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- दादा मियां के उर्स के अवसर पर आल इंडिया मुशायरे का आयोजन
जैदपुर (बाराबंकी)। दादा मियां के उर्स के अवसर पर कस्बे के मोहल्ला बड़ापूरा में रविवार रात आल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे की सदारत पूर्व चेयरमैन जियाउर्रमान अंसारी तथा निजामत नदीम फारुख ने की।
मुसलमा हैं मियां हम एक ही खुदा पर ईमान रखते हैं, हम अपने दिल में पूरा एक ही हिंदुस्तान रखते हैं, उस्मान मिनाई ने यह कलाम पेश किया तो पांडाल वाह-वाह इरशाद से गूंज उठा। इसके बाद शबा बलरामपूरी ने पढ़ा- हम पर तुम्हारे प्यार ने एहसान कर दिया, निर्धन की जिंदगी को भी धनवान कर दिया, पूछा मेरी सहलियों ने दिल में किस को बसाए हो, हमने तेरे नाम का एलान कर दिया। आसिफ फारूकी ने अपने अंदाज में पढ़ा- वह अगर प्यार से मांगे तो जान हाजिर है, अकड़ कर भीख भी मांगी तो मुंह मोड़ लूंगा। इस के अलावा अशद आजमगढ़ी, रिहान ताबिस, विकास बौखल व अल्ताफ जिया मालेगांव ने भी अपने कलाम पेश किए। इस अवसर पर अली अब्बास, इस्लामुद्दीन, इब्राहिम, वैश, अदनान, आलम चौधरी, बब्लू सहित कमेटी के सदस्य मौजूद थे। पूरी रात श्रोता पंडाल में जमा रहे।
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