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जीएसटी पोर्टल की खामियां बनी व्यापारियों का सिरदर्द
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:03 AM IST
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जीएसटी पोर्टल की खामियां बनी व्यापारियों का सिरदर्द
बाराबंकी। एक जुलाई से देश भर में लागू हुए जीएसटी के बाद जिले के हजारों व्यापारियों को रिर्टन फाइल करने में पसीना बहाना पड़ रहा है। जीएसटी पोर्टल की स्लो स्पीड और सर्वर की दिक्कतों से व्यापारियों को समय से टैक्स की कार्रवाई न पूरी होने से लेट पैमेंट से जमा कर जेब ढीली करनी पड़ रही है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जीएसटी पोर्टल में कोई भी बाधा नही होने का दावा कर रहे हैं। आज भी हजारों की संख्या में व्यापारियों ने पिछले तीन माह का रिर्टन अभी तक जमा नही कर सके हैं।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से जिले के व्यापारियों को इसके खराब सिस्टम से प्रतिदिन दिक्कतों को झेलना पड़ रहा है। हर महीने जीएसटी रिर्टन फाइल करने के लिए घंटों कंप्यूटर पर बैठकर प्रक्रिया को पूरा करने क लड़ाई लड़ रहे हैं। आलम यह है कि रिर्टन फाइल करने के लिए साइड ही नही खुलती है। और अगर खुल भी गई तो एक-एक बाउचर अपलोड करने के लिए घंटों बैठक कर प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा समाधान योजना का लाभ पाने को पंजीकरण कराने के लिए की गई व्यवस्था में भी जीएसटी पोर्टल काम में बाधा बना हुआ है। उधर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी जीएसटी पोर्टल में कोई भी बाधा या खामियां न होने के बात कह रहे हैं। विभाग द्वारा जीएसटी के प्रति व्यापारियों को बारीकियों को समझाने के लिए कार्यशाला आयोजित कर जानकारी दी जा रही है। जीएसटी के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया जा चुका है।
व्यापारियों ने कहा पोर्टल में खामियां ही खामियां
जीएसटी रिर्टन भरने के लिए जो पोर्टल शुरु किया गया है उसमें खामियां ही खामियां हैं। लोड बहुत रहता है। स्लो सर्वर के चलते पोर्टल जल्दी नही खुलता है। जीएसटी के कारण 60 प्रतिशत व्यापार खत्म हो गया है। - राजीव गुप्ता बब्बी, व्यापारी।
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जीएसटी में तो कोई समस्या नही है। दिक्कत है तो इसकी प्रक्रिया में। इसके सरलीकरण बनाए जाने की आवश्यकता हैं। पोर्टल हमेशा एरर बताता रहता है। - विनोद गाबा, कपड़ा व्यवसाई।
ऑनलाइन रिर्टन फाइल नही हो पा रहा है। पोर्टल काम ही नही कर रहा है। इसको लेकर दो दिन पूर्व डीएम के माध्यम से वित्तमंत्री को ज्ञापन भी भेजा जा चुका है। - संतोष गुप्ता, थोक किराना व्यवसाई।
व्यापार करने में बहुत दिक्कतें आ रही हैं। कई कई दिनों तक साइड ही नही खुलती है। सर्वर डाउन रहता है। इसे सही कराने की जरुरत है।- आशीष गुप्ता, सराफा कारोबारी।
जीएसटी पोर्टल खुला हुआ है। इसमें किसी प्रकार की कोई समस्या नही है। जीएसटी की बारीकियों को समझाने के लिए अकसर उच्चाधिकारियों के निर्देश कार्यशाला होते रहते हैं। जिसमें व्यापारियों को बुलाकर बारीकि से जीएसटी के बारे में बताया जाता है। - रुही सक्सेना, डिप्टी कमिश्नर, वाणिज्य कर।
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बाराबंकी। एक जुलाई से देश भर में लागू हुए जीएसटी के बाद जिले के हजारों व्यापारियों को रिर्टन फाइल करने में पसीना बहाना पड़ रहा है। जीएसटी पोर्टल की स्लो स्पीड और सर्वर की दिक्कतों से व्यापारियों को समय से टैक्स की कार्रवाई न पूरी होने से लेट पैमेंट से जमा कर जेब ढीली करनी पड़ रही है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जीएसटी पोर्टल में कोई भी बाधा नही होने का दावा कर रहे हैं। आज भी हजारों की संख्या में व्यापारियों ने पिछले तीन माह का रिर्टन अभी तक जमा नही कर सके हैं।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से जिले के व्यापारियों को इसके खराब सिस्टम से प्रतिदिन दिक्कतों को झेलना पड़ रहा है। हर महीने जीएसटी रिर्टन फाइल करने के लिए घंटों कंप्यूटर पर बैठकर प्रक्रिया को पूरा करने क लड़ाई लड़ रहे हैं। आलम यह है कि रिर्टन फाइल करने के लिए साइड ही नही खुलती है। और अगर खुल भी गई तो एक-एक बाउचर अपलोड करने के लिए घंटों बैठक कर प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा समाधान योजना का लाभ पाने को पंजीकरण कराने के लिए की गई व्यवस्था में भी जीएसटी पोर्टल काम में बाधा बना हुआ है। उधर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी जीएसटी पोर्टल में कोई भी बाधा या खामियां न होने के बात कह रहे हैं। विभाग द्वारा जीएसटी के प्रति व्यापारियों को बारीकियों को समझाने के लिए कार्यशाला आयोजित कर जानकारी दी जा रही है। जीएसटी के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया जा चुका है।
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व्यापारियों ने कहा पोर्टल में खामियां ही खामियां
जीएसटी रिर्टन भरने के लिए जो पोर्टल शुरु किया गया है उसमें खामियां ही खामियां हैं। लोड बहुत रहता है। स्लो सर्वर के चलते पोर्टल जल्दी नही खुलता है। जीएसटी के कारण 60 प्रतिशत व्यापार खत्म हो गया है। - राजीव गुप्ता बब्बी, व्यापारी।
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जीएसटी में तो कोई समस्या नही है। दिक्कत है तो इसकी प्रक्रिया में। इसके सरलीकरण बनाए जाने की आवश्यकता हैं। पोर्टल हमेशा एरर बताता रहता है। - विनोद गाबा, कपड़ा व्यवसाई।
ऑनलाइन रिर्टन फाइल नही हो पा रहा है। पोर्टल काम ही नही कर रहा है। इसको लेकर दो दिन पूर्व डीएम के माध्यम से वित्तमंत्री को ज्ञापन भी भेजा जा चुका है। - संतोष गुप्ता, थोक किराना व्यवसाई।
व्यापार करने में बहुत दिक्कतें आ रही हैं। कई कई दिनों तक साइड ही नही खुलती है। सर्वर डाउन रहता है। इसे सही कराने की जरुरत है।- आशीष गुप्ता, सराफा कारोबारी।
जीएसटी पोर्टल खुला हुआ है। इसमें किसी प्रकार की कोई समस्या नही है। जीएसटी की बारीकियों को समझाने के लिए अकसर उच्चाधिकारियों के निर्देश कार्यशाला होते रहते हैं। जिसमें व्यापारियों को बुलाकर बारीकि से जीएसटी के बारे में बताया जाता है। - रुही सक्सेना, डिप्टी कमिश्नर, वाणिज्य कर।