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गश्त कर रहे ट्रैकमैन की सक्रियता से हादसे का शिकार होने से बची मेमू ट्रेन
Updated Sat, 02 Dec 2017 01:03 AM IST
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ट्रैकमैन की सक्रियता से हादसे से बची मेमू ट्रेन
- सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के पास का मामला
बाराबंकी। शहर से सटे सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के समीप बृहस्पतिवार की देर रात गश्त कर रहे ट्रैकमैन की सक्रियता के चलते मेमू ट्रेन हादसे का शिकार होते होते बच गई। सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 178 सी के पास बृहस्पतिवार रात डाउन लाइन पर 1070 किमी संख्या के खंभा संख्या 6-8 के बीच रेलपथ की गस्त कर रहे ट्रैकमैन विश्वनाथ सिंह और त्रिवेणी को वेल्डिंग वाले स्थान से रेल पटरी टूटी दिखी। जिसके बाद टूटी रेल पटरी देख रेलकर्मियों के होश उड़ गए। इसी समय उनको इसी लाइन पर मेमो ट्रैन आने की सूचना मिली। इस दौरान दोनों कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए आगे दौड़कर खम्भा संख्या 14-16 के मघ्य पटाखा बांधा। पटाखा फटने की आवाज मिलते ही लोको पायलट ने मेमो ट्रैन रोक दी। दोनों ने प्रयास करते हुए रेल पटरी में छेद कर सुरच्छा प्लेट बांधकर मेमो को बीस किमी/घंटा की रफ्तार के कासन पर गुजारा। इस दौरान मेमो ट्रेन लगभग 40 मिनट तक खड़ी रही। इसके पीछे आने वाली चंडीगढ़ एक्सप्रेस भी विलंबित हुई। सफेदाबाद स्टेशन मास्टर डीके शुक्ला ने बताया की रात में गस्त कर रहे ट्रैकमैन को गेट संख्या 178 सी के पास फ्रैक्चर मिला था जिसे सही करा दिया गया है।
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- सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के पास का मामला
बाराबंकी। शहर से सटे सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के समीप बृहस्पतिवार की देर रात गश्त कर रहे ट्रैकमैन की सक्रियता के चलते मेमू ट्रेन हादसे का शिकार होते होते बच गई। सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 178 सी के पास बृहस्पतिवार रात डाउन लाइन पर 1070 किमी संख्या के खंभा संख्या 6-8 के बीच रेलपथ की गस्त कर रहे ट्रैकमैन विश्वनाथ सिंह और त्रिवेणी को वेल्डिंग वाले स्थान से रेल पटरी टूटी दिखी। जिसके बाद टूटी रेल पटरी देख रेलकर्मियों के होश उड़ गए। इसी समय उनको इसी लाइन पर मेमो ट्रैन आने की सूचना मिली। इस दौरान दोनों कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए आगे दौड़कर खम्भा संख्या 14-16 के मघ्य पटाखा बांधा। पटाखा फटने की आवाज मिलते ही लोको पायलट ने मेमो ट्रैन रोक दी। दोनों ने प्रयास करते हुए रेल पटरी में छेद कर सुरच्छा प्लेट बांधकर मेमो को बीस किमी/घंटा की रफ्तार के कासन पर गुजारा। इस दौरान मेमो ट्रेन लगभग 40 मिनट तक खड़ी रही। इसके पीछे आने वाली चंडीगढ़ एक्सप्रेस भी विलंबित हुई। सफेदाबाद स्टेशन मास्टर डीके शुक्ला ने बताया की रात में गस्त कर रहे ट्रैकमैन को गेट संख्या 178 सी के पास फ्रैक्चर मिला था जिसे सही करा दिया गया है।