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जिला अस्पताल में बदइंतजामी देख डीएम खफा,एक्सईएन लोक निर्माण तलब
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जर्जर स्ट्रेचरों पर लेटे मरीज, परिसर में फैली गंदगी देख बिफरे डीएम
बाराबंकी। जिले की कमान संभालने के बाद शुक्रवार को पहली बार जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह यह जानकर हैरत में पड़ गए कि मरीजों की सुविधा के लिए 40 लाख की लागत से बनवाया गया वार्ड भवन एक वर्ष से हैंडओवर नहीं हो पाया। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डीएम ने लोक निर्माण विभाग खंड-तीन के एक्सईएन से जवाब तलब किया है। अस्पताल के अंदर पहुंचे डीएम को जर्जर स्ट्रेचरों पर मरीज लेटे मिले। परिसर में कई स्थानों पर गंदगी देख उनकी त्योरी चढ़ गई। उन्होंने परिसर की सफाई करवाने के साथ सफाई कर्मियों के मोबाइल नंबर लिखने और स्ट्रेचरों को तत्काल बदलने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। परिसर में दाखिल होते ही उनकी नजर जगह-जगह पड़ी गंदगी और नालियों पर पड़ी। नालियों की सफाई नहीं होने से उनमें कचरा भरा था। यह देख डीएम ने नाराजगी जताते हुए बारिश से पहले सभी नालियों की सफाई कराने के साथ परिसर को साफ करने और शौचालय के पास से सफाई कर्मियों के नाम और मोबाइल नंबर लिखने के निर्देश सीएमएस को दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम को पता चला कि मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में 40 लाख की लागत से एक वार्ड बनकर एक साल से तैयार है लेकिन उसका हैंडओवर निर्माण इकाई ने नहीं किया। सीएमएस से वार्ड हैंडओवर नहीं होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाने पर डीएम ने लोक निर्माण विभाग खंड तीन के अधिशासी अभियंता को तलब किया है।
ओपीडी में पहुंचे डीएम को दवाओं की सूची अपडेट नहीं मिली। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने सूची में उपलब्ध दवाओं को उल्लेख कराने का सीएमएस को निर्देश दिया। अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंचने पर डीएम को जर्जर स्ट्रेचरों पर मरीज लेटे मिले। यह देख उनकी नाराजगी बढ़ गई। बोले, इतने बदहाल स्ट्रेचर तो कभी नहीं देखे। इन्हें तत्काल बदलने की हिदायत दी। इसके अलावा अस्पताल में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ बरामदे में पंखा लगवाने को निर्देश सीएमएस को दिया।
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हेलमेट न लगाने के सवाल पर रमेश बोला... सॉरी
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान ही शहर निवासी रमेश कुमार स्कूटी से गेट पर जा पहुंचे। रमेश को देख डीएम ने रमेश से हेलमेट नहीं लगाने की वजह पूछी तो और सकते में आ गया। आगे बढ़ने पर लोगों ने उसे रोक लिया। अपनी गलती का एहसास होने पर रमेश ने स्कूटी से उतर कर सॉरी बोला और ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की बात कही।
तीमारदारों के बीच घूमते मिला आवारा मवेशी
जिला अस्पताल परिसर में अक्सर आवारा मवेशी घूमा करते हैं। उनसे मरीजों व तीमारदारों में खतरा बना रहता है। शुक्रवार को जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान भी अस्पताल परिसर में ही छुट्टा मवेशी घूम रहे हैं। उससे कुछ कदम दूर मरीजों के तीमारदार भी बैठे थे। यह देख डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने कड़ी नाराजगी जताते हुए ईओ नगर पालिका को परिसर में घूम रहे छुट्टा मवेशियों को हटाने का निर्देश दिया।
अस्पताल परिसर कई प्रकार की खामियां दिखीं। उन्हें दूूूर करने के निर्देश सीएमएस को दिए गए हैं। नालियों की सफाई के साथ ही स्ट्रेचर बदलने के लिए कहा गया है। अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन को जल्द शुरू कराने के लिए भी कहा गया है।
- डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी
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बाराबंकी। जिले की कमान संभालने के बाद शुक्रवार को पहली बार जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह यह जानकर हैरत में पड़ गए कि मरीजों की सुविधा के लिए 40 लाख की लागत से बनवाया गया वार्ड भवन एक वर्ष से हैंडओवर नहीं हो पाया। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डीएम ने लोक निर्माण विभाग खंड-तीन के एक्सईएन से जवाब तलब किया है। अस्पताल के अंदर पहुंचे डीएम को जर्जर स्ट्रेचरों पर मरीज लेटे मिले। परिसर में कई स्थानों पर गंदगी देख उनकी त्योरी चढ़ गई। उन्होंने परिसर की सफाई करवाने के साथ सफाई कर्मियों के मोबाइल नंबर लिखने और स्ट्रेचरों को तत्काल बदलने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। परिसर में दाखिल होते ही उनकी नजर जगह-जगह पड़ी गंदगी और नालियों पर पड़ी। नालियों की सफाई नहीं होने से उनमें कचरा भरा था। यह देख डीएम ने नाराजगी जताते हुए बारिश से पहले सभी नालियों की सफाई कराने के साथ परिसर को साफ करने और शौचालय के पास से सफाई कर्मियों के नाम और मोबाइल नंबर लिखने के निर्देश सीएमएस को दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम को पता चला कि मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में 40 लाख की लागत से एक वार्ड बनकर एक साल से तैयार है लेकिन उसका हैंडओवर निर्माण इकाई ने नहीं किया। सीएमएस से वार्ड हैंडओवर नहीं होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाने पर डीएम ने लोक निर्माण विभाग खंड तीन के अधिशासी अभियंता को तलब किया है।
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ओपीडी में पहुंचे डीएम को दवाओं की सूची अपडेट नहीं मिली। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने सूची में उपलब्ध दवाओं को उल्लेख कराने का सीएमएस को निर्देश दिया। अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंचने पर डीएम को जर्जर स्ट्रेचरों पर मरीज लेटे मिले। यह देख उनकी नाराजगी बढ़ गई। बोले, इतने बदहाल स्ट्रेचर तो कभी नहीं देखे। इन्हें तत्काल बदलने की हिदायत दी। इसके अलावा अस्पताल में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ बरामदे में पंखा लगवाने को निर्देश सीएमएस को दिया।
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हेलमेट न लगाने के सवाल पर रमेश बोला... सॉरी
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान ही शहर निवासी रमेश कुमार स्कूटी से गेट पर जा पहुंचे। रमेश को देख डीएम ने रमेश से हेलमेट नहीं लगाने की वजह पूछी तो और सकते में आ गया। आगे बढ़ने पर लोगों ने उसे रोक लिया। अपनी गलती का एहसास होने पर रमेश ने स्कूटी से उतर कर सॉरी बोला और ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की बात कही।
तीमारदारों के बीच घूमते मिला आवारा मवेशी
जिला अस्पताल परिसर में अक्सर आवारा मवेशी घूमा करते हैं। उनसे मरीजों व तीमारदारों में खतरा बना रहता है। शुक्रवार को जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान भी अस्पताल परिसर में ही छुट्टा मवेशी घूम रहे हैं। उससे कुछ कदम दूर मरीजों के तीमारदार भी बैठे थे। यह देख डीएम डॉ. आदर्श सिंह ने कड़ी नाराजगी जताते हुए ईओ नगर पालिका को परिसर में घूम रहे छुट्टा मवेशियों को हटाने का निर्देश दिया।
अस्पताल परिसर कई प्रकार की खामियां दिखीं। उन्हें दूूूर करने के निर्देश सीएमएस को दिए गए हैं। नालियों की सफाई के साथ ही स्ट्रेचर बदलने के लिए कहा गया है। अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन को जल्द शुरू कराने के लिए भी कहा गया है।
- डॉ. आदर्श सिंह, जिलाधिकारी