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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   15 meter more intersected Elgin Charchadi dam

15 मीटर और कटा एल्गिन चरसड़ी बांध

Sat, 11 Jul 2015 11:24 PM IST
बाराबंकी /अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी /अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 11 Jul 2015 11:24 PM IST
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घाघरा नदी का जलस्तर शनिवार से फिर बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई में एक बार फिर हड़कंप मच गया है। वहीं नदी के पानी ने एलिग्न चरसड़ी तटबंध के निकट करीब 15 मीटर तक और कटान किए जाने से बांध पर खतरा फिर से मंडराने लगा है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत का कार्य भी जोरों पर चल रहा है। बाढ़ खंड के अधिकारी नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखे हुए हैं।

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घाघरा नदी के पानी ने कुछ दिन पूर्व हाहाकार मचा दिया था। पानी द्वारा जिस तरह से कटान की जा रही थी उससे लग रहा था कि एलिग्न चरसड़ी तटबंध को बचा पाना प्रशासन के लिए मुश्किल होगा। हालात को देखते हुए चार गांवों मांझा रायपुर, कमियार, परसवाल और नैपुरा में बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था। वहीं पानी की चपेट में आए मांझा रायपुर को तो पूरी तरह से खाली करा दिया गया था। एहतियात के लिए पीएससी को भी बुला लिया गया था। बाढ़ खंड के अधिकारी बांध को बचाने के लिए दिन रात एक किए हुए थे।

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वहीं बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया था। लेकिन शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई में फिर से हलचल तेज हो गई है। मांझा रायपुर के निकट नदी के पानी ने जिस स्थान पर बांध को क्षतिग्रस्त किया था उससे दो सौ मीटर की दूरी पर नदी के पानी फिर से कटान शुरू कर दी है।

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बांध का करीब 15 मीटर भाग कटान की चपेट में आ गया है। जिससे बाढ़ खंड के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। बाढ़ खंड के अधिकारी बांध को किसी प्रकार को नुकसान न पहुंचे इसको लेकर रणनीति बनाने में लग गए हैं। बांध को बचाने के लिए पहले से चल रहा मरम्मत का कार्य और तेज कर दिया गया है। इसके अलावा बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है।

घाघरा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इसको लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र के एसडीएम को स्थिति पर बराबर नजर रखने को कहा गया। नदी के पानी द्वारा कटान किए जाने की अभी जानकारी नहीं मिली है। बाढ़ खंड के अधिकारी पूर्व में क्षतिग्रस्त हुए बंधे की मरम्मत का कार्य तेजी से करा रहे हैं। जिससे बांध को किसी प्रकार का नुकसान न हो।
-हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी

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