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12 घंटे बिजली कटौती से शहर में पेयजल संकट
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:31 PM IST
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गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में बिजली ने भी रुलाना शुरू कर दिया है। तीन दिन से हो रही अंधाधुंध कटौती के चलते शहर के लोग परेशान है। शहरी क्षेत्र को दिन में सिर्फ आठ घंटे बिजली मिल पा रही। आपूर्ति में करीब 12 घंटे की कटौती ने पेयजल संकट खड़ा कर दिया है।
कटौती से करीब ढाई लाख आबादी को सुबह-शाम जरूरत भर का पानी तक नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है सोमवार देर रात गई बिजली मंगलवार सुबह बहाल हुई। इससे कारण शहर वासियों को रात जागकर गुजारनी पड़ी।
सरकार ने शहर को 20 और गांवों को 14 घंटे बिजली देने का वादा किया है लेकिन पावर कॉर्पोरेशन उस पर खरा नहीं उतर पा रहा है। शहरों को जहां आठ से दस घंटे बिजली मिल रही वहीं गांवों को चार से पांच घंटे ही आपूर्ति हो रही है। जिले में तीन दिन से बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। गर्मी शुरू होने के साथ बिजली के तार पिघलने लगे हैं।
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ताबड़तोड़ कटौती से शहरी आबादी के लिए पेयजल का संकट पैदा हो गया है। हालत यह है कि टंकियाें को पूरा भरने लायक भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इससे परेशान लोगाें को हैंडपंपाें पर लाइन लगानी पड़ रही है। सोमवार रात भर बिजली की आंख मिचौली जारी रही।
इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। मंगलवार को गर्मी का पारा 42 डिग्री रहा। आपूर्ति की स्थिति यह है कि शहर को आठ से दस घंटे ही बिजली मिल पा रही है। लखपेड़ाबाग मोहल्ले में सोमवार रात नौ बजे बिजली गुल हुई बिजली मंगलवार सुबह 11 बजे आई।
अधिशासी अभियंता आरके मिश्र का कहना है कि रोस्टर कटौती के निर्देश ऊपर से हैं। अत्यधिक मांग के चलते लोकल फाल्ट बढ़ गई है। हमें डिमांड के सापेक्ष सिर्फ 70 फीसदी ही बिजली मिल रही है।
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कटौती से करीब ढाई लाख आबादी को सुबह-शाम जरूरत भर का पानी तक नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है सोमवार देर रात गई बिजली मंगलवार सुबह बहाल हुई। इससे कारण शहर वासियों को रात जागकर गुजारनी पड़ी।
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सरकार ने शहर को 20 और गांवों को 14 घंटे बिजली देने का वादा किया है लेकिन पावर कॉर्पोरेशन उस पर खरा नहीं उतर पा रहा है। शहरों को जहां आठ से दस घंटे बिजली मिल रही वहीं गांवों को चार से पांच घंटे ही आपूर्ति हो रही है। जिले में तीन दिन से बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। गर्मी शुरू होने के साथ बिजली के तार पिघलने लगे हैं।
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ताबड़तोड़ कटौती से शहरी आबादी के लिए पेयजल का संकट पैदा हो गया है। हालत यह है कि टंकियाें को पूरा भरने लायक भी आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इससे परेशान लोगाें को हैंडपंपाें पर लाइन लगानी पड़ रही है। सोमवार रात भर बिजली की आंख मिचौली जारी रही।
इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। मंगलवार को गर्मी का पारा 42 डिग्री रहा। आपूर्ति की स्थिति यह है कि शहर को आठ से दस घंटे ही बिजली मिल पा रही है। लखपेड़ाबाग मोहल्ले में सोमवार रात नौ बजे बिजली गुल हुई बिजली मंगलवार सुबह 11 बजे आई।
अधिशासी अभियंता आरके मिश्र का कहना है कि रोस्टर कटौती के निर्देश ऊपर से हैं। अत्यधिक मांग के चलते लोकल फाल्ट बढ़ गई है। हमें डिमांड के सापेक्ष सिर्फ 70 फीसदी ही बिजली मिल रही है।