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चेयरमैन बनने के चक्कर में गवां दी सभासदी
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:47 AM IST
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चेयरमैन बनने के चक्कर में गवां दी सभासदी
- नगर पंचायत हैदरगढ़ का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। हैदरगढ़ नगर पंचायत चेयरमैन बनने के फेर में कई लोगों ने सभासदी भी गवां दी है। तीन पूर्व सभासदों से इस बार वार्ड सभासदी सहित चेयरमैन पद पर दांव लगाया लेकिन मतदाताओं का समर्थन नहीं जुटा सके। अयूब कुरैशी सभासदी बचाने में कामयाब हुए है।
नगर पंचायत हैदरगढ़ में कोठी वार्ड से दो बार सभासद रहे हरी क्राकरी ने वार्ड से सभासदी का नामांकन करने के साथ पत्नी मीना देवी को चेयरमैन पद पर उम्मीदवार बनाया था। चेयरमैद पद पर 1387 मत पाकर चौथे स्थान पर रहीं जबकि सभासद के लिए वार्ड में मात्र 156 मत ही मिलने से हार हुुई है। ठाकुरद्वारा वार्ड से दो बार सभासद रह चुके महेश अग्रवाल ने चेयरमैन पद पर पूर्व सभासद पत्नी जया तथा वार्ड सभासद पर स्वयं दवा पेश किया था। चेयरमैन पद पर जया को मात्र 284 तथा सभासद पद पर मात्र मात्र 179 मत मिलने पर भारी अंतर से चुनाव में हार हुई। मो. रईस ने पत्नी पूर्व सभासद चमन बानो ने चेयरमैन पद पर दावा किया लेकिन दोनों चुनाव में भारी अंतर से हार हुई है। पूर्व सभासद अयूब कुरैशी ने दुबारा सभासद पद पर दुबारा जीत प्राप्त की लेकिन पत्नी समरजहां को चेयरमैन पद पर नहीं जिता सके। समरजहां मात्र 18 मतों से हारी हैं।
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- नगर पंचायत हैदरगढ़ का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। हैदरगढ़ नगर पंचायत चेयरमैन बनने के फेर में कई लोगों ने सभासदी भी गवां दी है। तीन पूर्व सभासदों से इस बार वार्ड सभासदी सहित चेयरमैन पद पर दांव लगाया लेकिन मतदाताओं का समर्थन नहीं जुटा सके। अयूब कुरैशी सभासदी बचाने में कामयाब हुए है।
नगर पंचायत हैदरगढ़ में कोठी वार्ड से दो बार सभासद रहे हरी क्राकरी ने वार्ड से सभासदी का नामांकन करने के साथ पत्नी मीना देवी को चेयरमैन पद पर उम्मीदवार बनाया था। चेयरमैद पद पर 1387 मत पाकर चौथे स्थान पर रहीं जबकि सभासद के लिए वार्ड में मात्र 156 मत ही मिलने से हार हुुई है। ठाकुरद्वारा वार्ड से दो बार सभासद रह चुके महेश अग्रवाल ने चेयरमैन पद पर पूर्व सभासद पत्नी जया तथा वार्ड सभासद पर स्वयं दवा पेश किया था। चेयरमैन पद पर जया को मात्र 284 तथा सभासद पद पर मात्र मात्र 179 मत मिलने पर भारी अंतर से चुनाव में हार हुई। मो. रईस ने पत्नी पूर्व सभासद चमन बानो ने चेयरमैन पद पर दावा किया लेकिन दोनों चुनाव में भारी अंतर से हार हुई है। पूर्व सभासद अयूब कुरैशी ने दुबारा सभासद पद पर दुबारा जीत प्राप्त की लेकिन पत्नी समरजहां को चेयरमैन पद पर नहीं जिता सके। समरजहां मात्र 18 मतों से हारी हैं।
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