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जिले के 47 आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं बने शौचालय
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बांदा। आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण को लेकर ग्राम पंचायतें रुचि नहीं ले रही हैं। शासन ने प्रति शौचालय 12 हजार रुपये की राशि जिला कार्यक्रम विभाग को आवंटित कर दी है। बजट स्थानांतरण के लिए ग्राम पंचायतें ग्राम निधि खाता व आईएफसी कोड विभाग को उपलब्ध नहीं करा रही हैं।
इससे शौचालयों का निर्माण अधर में लटका हुआ है। जिले के 47 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय नहीं हैं। शौचालय न होने से गर्भवती महिलाओं सहित बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में शासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण के लिए प्रति शौचालय 12 हजार रुपये आवंटित कर दिए हैं। शौचालय निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायतों को नामित किया है।
जिला कार्यक्रम विभाग कई बार ग्राम पंचायतों को धनराशि हस्तांतरण के लिए पत्र भेज चुका है, लेकिन ग्राम पंचायतें ग्राम निधि खाता व आईएफसी कोड उपलब्ध नहीं करा रही हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी वेद कुमार मौर्य ने नाराजगी जाहिर करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को आदेश दिए हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण के लिए शीघ्र ग्राम निधि खाता व आईएफसी कोड उपलब्ध कराएं। लापरवाही पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
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इन गांवों में बनने हैं शौचालय
बड़ोखर खुर्द ब्लाक के ग्राम पंचायत लड़ाका पुरवा, गंछा, पड़ई, चटगन, कनवारा, कमासिन ब्लाक के कोर्रा बुजुर्ग, अमलोखर, पछौंहा, कुचौली, बीरा, छिछोलर-एक, छिछोलर-दो, कोर्रा बुजुर्ग-दो, नरैनी में निराला नगर महोतरा, नगवारा, पड़मई, महुटा, सढ़ा, लहुरेटा, कटरा कालिंजर, बिसंडा में चंद्रायल, रसूलपुर, साथी, भदावल-एक, उतरवां, बबेरू में पारा बिहारी-एक, पारा बिहारी-दो, पारा बिहारी-तीन, हरदौली-दो, थरथुवा, पडऱी, वनबरौली, जसपुरा में गलौली, गौरीकलां, मड़ौली खुर्द, बुधेड़ा, पड़ेरी, तिंदवारी में तारा, दोहतरा-दो, भवानीपुर, महुई-एक, पिपरगवां-दो, गोखरही-एक और महुआ ब्लाक में नगनेधी, बछेही, बरसड़ा खुर्द व बड़ोखर बुजुर्ग शामिल हैं।
ग्राम पंचायत अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय के निर्माण के लिए ग्राम निधि खाता व आईएफसी कोड उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। चेतावनी दी गई कि दो दिन में खाता और आईएफसी कोड नहीं उपलब्ध कराया गया तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- सर्वेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी, बांदा।
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इससे शौचालयों का निर्माण अधर में लटका हुआ है। जिले के 47 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय नहीं हैं। शौचालय न होने से गर्भवती महिलाओं सहित बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में शासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण के लिए प्रति शौचालय 12 हजार रुपये आवंटित कर दिए हैं। शौचालय निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायतों को नामित किया है।
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जिला कार्यक्रम विभाग कई बार ग्राम पंचायतों को धनराशि हस्तांतरण के लिए पत्र भेज चुका है, लेकिन ग्राम पंचायतें ग्राम निधि खाता व आईएफसी कोड उपलब्ध नहीं करा रही हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी वेद कुमार मौर्य ने नाराजगी जाहिर करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को आदेश दिए हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण के लिए शीघ्र ग्राम निधि खाता व आईएफसी कोड उपलब्ध कराएं। लापरवाही पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
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इन गांवों में बनने हैं शौचालय
बड़ोखर खुर्द ब्लाक के ग्राम पंचायत लड़ाका पुरवा, गंछा, पड़ई, चटगन, कनवारा, कमासिन ब्लाक के कोर्रा बुजुर्ग, अमलोखर, पछौंहा, कुचौली, बीरा, छिछोलर-एक, छिछोलर-दो, कोर्रा बुजुर्ग-दो, नरैनी में निराला नगर महोतरा, नगवारा, पड़मई, महुटा, सढ़ा, लहुरेटा, कटरा कालिंजर, बिसंडा में चंद्रायल, रसूलपुर, साथी, भदावल-एक, उतरवां, बबेरू में पारा बिहारी-एक, पारा बिहारी-दो, पारा बिहारी-तीन, हरदौली-दो, थरथुवा, पडऱी, वनबरौली, जसपुरा में गलौली, गौरीकलां, मड़ौली खुर्द, बुधेड़ा, पड़ेरी, तिंदवारी में तारा, दोहतरा-दो, भवानीपुर, महुई-एक, पिपरगवां-दो, गोखरही-एक और महुआ ब्लाक में नगनेधी, बछेही, बरसड़ा खुर्द व बड़ोखर बुजुर्ग शामिल हैं।
ग्राम पंचायत अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय के निर्माण के लिए ग्राम निधि खाता व आईएफसी कोड उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। चेतावनी दी गई कि दो दिन में खाता और आईएफसी कोड नहीं उपलब्ध कराया गया तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- सर्वेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी, बांदा।