सातवें वेतन आयोग के विरोध में रोकी ट्रेन
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बांदा। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ मोर्चा खोल बैठे रेलवेकर्मियों ने रविवार को अपना आंदोलन और तेज कर दिया। रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन के बाद ट्रेनों का आवागमन भी बाधित किया। 11 जुलाई को सुबह छह बजे से पूरे देश में ट्रेनों का संचालन बंद कर बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी। हाल ही में केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर कर ली हैं। ज्यादातर केंद्र सरकार के संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम मेें नार्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ और नार्थ सेंट्रल रेलवे मैंस यूनियन ने संयुक्त रूप से प्लेटफार्म पर अपने संगठनों के झंडे लेकर प्रदर्शन किया। दोपहर को इलाहाबाद-झांसी पैसेंजर ट्रेन के सामने खड़े होकर ट्रैक जाम कर दिया। तमाम कर्मचारी इंजन पर भी चढ़ गए। अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। कुछ देर तक ट्रेन रोकने के बाद रेल कर्मियों ने ट्रैक छोड़ दिया और ट्रेन आगे रवाना हुई।
इस अवसर पर सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के शाखा सचिव केेके त्रिपाठी ने कहा कि न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये करने और न्यून पेंशन स्कीम समाप्त करने की मांगों पर केंद्र सरकार ने जल्द ही निर्णय नहीं लिया तो 11 जुलाई से पूरे देश मेें रेलवेकर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे। एमसीआरएमयू शाखा सचिव पीके सिंह, मंडल उपाध्यक्ष आरके द्विवेदी ने केंद्र सरकार की नीतियों को कर्मचारी विरोधी बताया। मनीष सिंह, एमपी शिवहरे, बीपी वर्मा, पुरुषोत्तम नायक, मोहम्मद कादिर, बलजीत सिंह, आरसी त्रिपाठी और किशोरीलाल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली की निंदा की। रवि बिहारी, तुलाराम, आरएम निषाद, रामविशाल आदि शामिल रहे। उधर, मैंस यूनियन के जोनल सचिव केवी सिंह ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि वेतन आयोग की रिपोर्ट में सुधार नहीं किया गया और नई पेंशन स्कीम खत्म करके पुरानी पेंशन लागू नहीं की गई तो 11 जुलाई को सुबह छह बजे से पूरे देश में एक साथ ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। मांग पूरी न होने तक ट्रेनों का चक्का जाम रहेगा। शाखा सचिव पीके सिंह ने दोनों मांगे पूरी न होने तक हड़ताल पर डटे रहने का एलान किया। आरएन अग्रवाल, श्यामेंद्र गुप्ता, जितेंद्र वर्मा, शेख शकील, आरडी पाल, डीके पांडेय, जसवंत कुमार, आरके त्रिपाठी, मोहित सोनी, पवन, सुरेश, केके सोनी, वीपी वर्मा, दीपक सोनी, अतुल यादव, सुरेश साहू, वेद प्रकाश, राममिलन, एसके कुशवाहा आदि शामिल रहे।
राज्य कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल होंगे
बांदा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विकास भवन में बैठक कर केंद्रीय कर्मियों पर लागू सातवें वेतनमान पर चर्चा हुई। केंद्रीय कर्मियों के साथ 11 जुलाई को हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया। पदाधिकारियों का कहना था कि वेतन आयोग की रिपोर्ट में कर्मचारियों का कोई भला होने वाला नहीं है। पिछले वेतन आयोगों की रिपोर्टों के मुताबिक 40 से 60 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हुई थी। वर्तमान रिपोर्ट में मात्र 12 से 15 फीसदी का फायदा हो रहा है। साथ ही 52 प्रकार के भत्ते समाप्त करने से लाभ के बजाए हानि होगी। पुरानी पेंशन योजना बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। संरक्षक लालजी सोनकर, मंडल अध्यक्ष ओपी मिश्रा, प्रमोद द्विवेदी, ओपी दीक्षित, रमजोर सिंह चंदेल, भूपेश सिंह, बाबूराम मिश्रा, अश्वनी कुमार गुप्ता, टीएन सचान, वीरेंद्र सिंह, सूरजकली, लता सिंह, भूरा सिंह, नागेंद्रमणि शुक्ला, रामराज सिंह, अशोक कुमार सेठ, बागीशचंद्र द्विवेदी, पीर मोहम्मद, फैय्याजुद्दीन सहित सभी विभागों के पदाधिकारी शामिल रहे।