{"_id":"6ae23f5e657428e0140781c7","slug":"the-bjps-local-candidate-strategy-also-fails-in-the-bundelkhand-based-constituency-spanning-seven-districts-banda-news-c-212-1-bnd1020-154005-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बुंदेलखंड के सात जिलों वाली सीट पर भाजपा का स्थानीय दांव भी फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बुंदेलखंड के सात जिलों वाली सीट पर भाजपा का स्थानीय दांव भी फेल
विज्ञापन
फोटो-10-विजेता सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव। स्रोत: इंटरनेट
- फोटो : 1
ज्योत्यवेंद्र दुबे
बांदा। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में सपा ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा।
सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27 हजार से अधिक मतों से हराया। इस चुनाव में बुंदेलखंड के सात जिले शामिल हैं और भाजपा ने भी इसी क्षेत्र के जालौन निवासी प्रत्याशी पर दांव लगाया था। इसके बावजूद पार्टी जीत हासिल नहीं कर सकी।
नतीजे ने भाजपा की चुनावी रणनीति और मतदाताओं से उसके संपर्क को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस सीट पर वर्ष 1996 से 2020 तक लगातार भाजपा का कब्जा रहा।
डॉ. यज्ञदत्त शर्मा ने लगातार चार बार जीत दर्ज की थी। वर्ष 2020 के चुनाव में सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा से यह सीट छीन ली थी। इस बार भी सपा ने उन्हीं पर भरोसा जताया और वह जीत दोहराने में सफल रहे।
भाजपा ने जालौन के अशोक कुमार राठौर को प्रत्याशी बनाया था। इस तरह मुकाबले में एक ओर सीट बचाने की चुनौती थी, तो दूसरी ओर भाजपा के सामने अपना पुराना प्रभाव वापस पाने का मौका। खंड स्नातक सीट के कुल 10 जिलों में बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर बुंदेलखंड के जिले हैं।
विज्ञापन
बाकी तीन जिले प्रयागराज, कौशांबी और फतेहपुर हैं। ऐसे में बुंदेलखंड के मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जा रही थी। भाजपा का स्थानीय प्रत्याशी होने के बावजूद जीत न मिलना पार्टी के लिए झटका है।
बांदा में करीब 43 प्रतिशत मतदान हुआ था। शहरी क्षेत्र में भी मतदान का प्रतिशत कम रहा। जिले में 8,526 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। सपा को यहां करीब 75 प्रतिशत वोट मिलने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, कम मतदान का नुकसान किस दल को कितना हुआ, यह केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। अंतिम परिणाम में सपा की बढ़त ने भाजपा के सामने चुनावी रणनीति की समीक्षा की जरूरत जरूर बढ़ा दी है। (ब्यूरो)
-- -
भाजपा की बैठकों के मुकाबले सपा का पीडीए संदेश
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए के मुद्दे पर मिली सफलता के बाद सपा ने इस चुनाव में भी इसी संदेश पर जोर दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं के जरिये पीडीए की बात मतदाताओं तक पहुंचाती रही। दूसरी ओर, भाजपा की रणनीति बैठकों और संगठनात्मक स्तर पर वोट जुटाने तक अधिक सीमित नजर आई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों का मतदाताओं से सीधा संपर्क कितना प्रभावी रहा, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
-- -
बुंदेलखंड का प्रत्याशी भी नहीं दिला सका जीत
चुनावों में स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी की चर्चा अक्सर होती है। इस बार भाजपा ने बुंदेलखंड के जालौन निवासी अशोक कुमार राठौर को मैदान में उतारा था, जबकि सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव प्रयागराज के निवासी हैं। इसके बावजूद सपा प्रत्याशी ने बड़ी जीत दर्ज की। इससे साफ है कि केवल क्षेत्रीय पहचान जीत की गारंटी नहीं बनी। मतदाताओं ने किन मुद्दों और समीकरणों के आधार पर मतदान किया, इसका विस्तृत आकलन चुनाव परिणाम के बाद ही हो सकेगा।
-- -
मुख्य प्रत्याशियों को मिले वोट
डॉ. मान सिंह यादव, सपा: 60,358
अशोक कुमार राठौर, भाजपा: 32,695
शिवशंकर पटेल, निर्दलीय: 3,949
कुल मतपत्रों की गणना 1,09,482 बताई गई है।
-- -
सपा ने पीडीए की जीत बताया, भाजपा करेगी समीक्षा
जीत के बाद सपा जिलाध्यक्ष उमेश यादव ने इसे पीडीए की जीत बताया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों से लोग परेशान हैं। जनता ने भाजपा प्रत्याशी को हराकर इसका जवाब दिया है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू राजपूत ने बताया कि वह झांसी में बैठक में हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी और आगे बेहतर प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
बांदा। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में सपा ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा।
सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27 हजार से अधिक मतों से हराया। इस चुनाव में बुंदेलखंड के सात जिले शामिल हैं और भाजपा ने भी इसी क्षेत्र के जालौन निवासी प्रत्याशी पर दांव लगाया था। इसके बावजूद पार्टी जीत हासिल नहीं कर सकी।
नतीजे ने भाजपा की चुनावी रणनीति और मतदाताओं से उसके संपर्क को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस सीट पर वर्ष 1996 से 2020 तक लगातार भाजपा का कब्जा रहा।
डॉ. यज्ञदत्त शर्मा ने लगातार चार बार जीत दर्ज की थी। वर्ष 2020 के चुनाव में सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा से यह सीट छीन ली थी। इस बार भी सपा ने उन्हीं पर भरोसा जताया और वह जीत दोहराने में सफल रहे।
विज्ञापन
भाजपा ने जालौन के अशोक कुमार राठौर को प्रत्याशी बनाया था। इस तरह मुकाबले में एक ओर सीट बचाने की चुनौती थी, तो दूसरी ओर भाजपा के सामने अपना पुराना प्रभाव वापस पाने का मौका। खंड स्नातक सीट के कुल 10 जिलों में बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर बुंदेलखंड के जिले हैं।
विज्ञापन
बाकी तीन जिले प्रयागराज, कौशांबी और फतेहपुर हैं। ऐसे में बुंदेलखंड के मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जा रही थी। भाजपा का स्थानीय प्रत्याशी होने के बावजूद जीत न मिलना पार्टी के लिए झटका है।
बांदा में करीब 43 प्रतिशत मतदान हुआ था। शहरी क्षेत्र में भी मतदान का प्रतिशत कम रहा। जिले में 8,526 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। सपा को यहां करीब 75 प्रतिशत वोट मिलने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, कम मतदान का नुकसान किस दल को कितना हुआ, यह केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। अंतिम परिणाम में सपा की बढ़त ने भाजपा के सामने चुनावी रणनीति की समीक्षा की जरूरत जरूर बढ़ा दी है। (ब्यूरो)
भाजपा की बैठकों के मुकाबले सपा का पीडीए संदेश
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पीडीए के मुद्दे पर मिली सफलता के बाद सपा ने इस चुनाव में भी इसी संदेश पर जोर दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं के जरिये पीडीए की बात मतदाताओं तक पहुंचाती रही। दूसरी ओर, भाजपा की रणनीति बैठकों और संगठनात्मक स्तर पर वोट जुटाने तक अधिक सीमित नजर आई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों का मतदाताओं से सीधा संपर्क कितना प्रभावी रहा, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बुंदेलखंड का प्रत्याशी भी नहीं दिला सका जीत
चुनावों में स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी की चर्चा अक्सर होती है। इस बार भाजपा ने बुंदेलखंड के जालौन निवासी अशोक कुमार राठौर को मैदान में उतारा था, जबकि सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव प्रयागराज के निवासी हैं। इसके बावजूद सपा प्रत्याशी ने बड़ी जीत दर्ज की। इससे साफ है कि केवल क्षेत्रीय पहचान जीत की गारंटी नहीं बनी। मतदाताओं ने किन मुद्दों और समीकरणों के आधार पर मतदान किया, इसका विस्तृत आकलन चुनाव परिणाम के बाद ही हो सकेगा।
मुख्य प्रत्याशियों को मिले वोट
डॉ. मान सिंह यादव, सपा: 60,358
अशोक कुमार राठौर, भाजपा: 32,695
शिवशंकर पटेल, निर्दलीय: 3,949
कुल मतपत्रों की गणना 1,09,482 बताई गई है।
सपा ने पीडीए की जीत बताया, भाजपा करेगी समीक्षा
जीत के बाद सपा जिलाध्यक्ष उमेश यादव ने इसे पीडीए की जीत बताया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों से लोग परेशान हैं। जनता ने भाजपा प्रत्याशी को हराकर इसका जवाब दिया है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू राजपूत ने बताया कि वह झांसी में बैठक में हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी और आगे बेहतर प्रयास किए जाएंगे।

फोटो-10-विजेता सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव। स्रोत: इंटरनेट- फोटो : 1