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बंदियों को राखी नहीं बांध पायेंगी बहनें
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बांदा। कोरोना संक्रमण के चलते अबकी रक्षाबंधन में भाई-बहन के प्यार में जेल की दीवार आड़े आएगी। बंदी भाइयों को बहनें राखी नहीं बांध सकेंगी। जेल के बाहर बने काउंटर पर ही बहनों को राखी जमा करना होगी। सैनिटाइज के बाद राखियों को जेल प्रशासन बंदी तक पहुंचाएगा।
जेल में 875 बंदी निरुद्ध हैं। प्रति वर्ष रक्षाबंधन पर बंदियों की कलाई पर राखी बांधने के लिए दूर-दूर से बहनें जेल आती थीं। जेल प्रशासन भी बहनों के लिए विशेष इंतजाम करता था, लेकिन इस वर्ष कोरोना का खौफ सिर चढ़कर बोल रहा है। जेल प्रशासन ने बंदी भाइयों से बहनों की मुलाकात और राखी बांधने पर रोक लगा दी है।
प्रभारी अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि जेल के बाहर एक काउंटर खोला जाएगा। बहनें अपने भाई (बंदी) के नाम की स्लिप के साथ राखी व रोली काउंटर पर जमा कर देंगी। इन्हें सैनिटाइज कराने के बाद बंदी तक पहुंचा दिया जाएगा। बहनों द्वारा लाई जाने वाली खुली खाद्य सामग्री पर रोक रहेगी। सीलबंद सामान ही जेल के अंदर जा सकेगा।
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जेल में 875 बंदी निरुद्ध हैं। प्रति वर्ष रक्षाबंधन पर बंदियों की कलाई पर राखी बांधने के लिए दूर-दूर से बहनें जेल आती थीं। जेल प्रशासन भी बहनों के लिए विशेष इंतजाम करता था, लेकिन इस वर्ष कोरोना का खौफ सिर चढ़कर बोल रहा है। जेल प्रशासन ने बंदी भाइयों से बहनों की मुलाकात और राखी बांधने पर रोक लगा दी है।
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प्रभारी अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि जेल के बाहर एक काउंटर खोला जाएगा। बहनें अपने भाई (बंदी) के नाम की स्लिप के साथ राखी व रोली काउंटर पर जमा कर देंगी। इन्हें सैनिटाइज कराने के बाद बंदी तक पहुंचा दिया जाएगा। बहनों द्वारा लाई जाने वाली खुली खाद्य सामग्री पर रोक रहेगी। सीलबंद सामान ही जेल के अंदर जा सकेगा।
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