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बांदा: बुंदेलखंड पर फिल्म की शूटिंग अक्तूबर से
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बांदा। बुंदेलखंड की संस्कृति की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान कायम करने के लिए एक बार फिर फिल्म जगत का सहारा लिया जा रहा है। मुंबई से आई फिल्म निर्माणकर्ता टीम ने यहां आकर लोकेशन और संभावनाओं का जायजा लिया है।
बुंदेलखंड में प्रकृति से लेकर बुंदेलियों के रहन-सहन के तौर-तरीके काफी अलग और दिलचस्प हैं। तमाम खूबियों से भरपूर होने के बाद भी इसकी शोहरत पिछड़े क्षेत्र के रूप में है। यहां की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों, पर्यावरण, कृषि आदि को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए पचनेही गांव के मूल बाशिंदे और आईपीएस अधिकारी राजाबाबू सिंह (महानिरीक्षक, बीएसएफ) की पहल पर सोमवार को मुंबई से फिल्म कंपनी की टीम यहां पहुंची।
टीम ने कुरसेजा धाम देखा। पचनेही गांव में राजाबाबू की गोशालाओं आदि का अवलोकन किया। बताया कि फिल्म की शूटिंग 15 अक्तूबर से बुंदेलखंड के कई स्थानों पर शुरू होगी। स्थानीय लोगों को भी भूमिका अदा करने का मौका मिलेगा। टीम के साथ कमलेश तिवारी, ललक सिंह, अशोक सिंह, बुद्धराज सिंह इत्यादि शामिल रहे।
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बुंदेलखंड में प्रकृति से लेकर बुंदेलियों के रहन-सहन के तौर-तरीके काफी अलग और दिलचस्प हैं। तमाम खूबियों से भरपूर होने के बाद भी इसकी शोहरत पिछड़े क्षेत्र के रूप में है। यहां की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों, पर्यावरण, कृषि आदि को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए पचनेही गांव के मूल बाशिंदे और आईपीएस अधिकारी राजाबाबू सिंह (महानिरीक्षक, बीएसएफ) की पहल पर सोमवार को मुंबई से फिल्म कंपनी की टीम यहां पहुंची।
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टीम ने कुरसेजा धाम देखा। पचनेही गांव में राजाबाबू की गोशालाओं आदि का अवलोकन किया। बताया कि फिल्म की शूटिंग 15 अक्तूबर से बुंदेलखंड के कई स्थानों पर शुरू होगी। स्थानीय लोगों को भी भूमिका अदा करने का मौका मिलेगा। टीम के साथ कमलेश तिवारी, ललक सिंह, अशोक सिंह, बुद्धराज सिंह इत्यादि शामिल रहे।
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