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भूख से तड़प रहे जानवरों के लिए मिले सात करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 01 Feb 2016 11:41 PM IST
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बांदा। बुंदेलखंड में भूख से कराह रहे पशुओं को चारा
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मुहैया कराने के लिए सरकार आगे आई है। सातों जिले में एक-एक करोड़ रुपया
चारे के लिए जारी किया गया है। यह पैसा लघु एवं सीमांत किसान को मिलेंगे।
पैसा प्रति पशु के हिसाब से जारी किया जाएगा। इसमें बड़े पशु के लिए प्रतिदिन 70 रुपया एवं छोटे पशु के लिए 35 रुपया दिया जाएगा। इस पैसे का भुगतान ग्राम पंचायतवार किया जाएगा।
बु्ंदेलखंड में सूखे की वजह से पशुओं के चारे का संकट हो गया है। चारे के अभाव में तमाम पशुपालक जानवरों को छोड़ दे रहे हैं। ऐेसी स्थिति में अन्ना जानवरों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों की मानें तो चित्रकूट धाम मंडल के चार जनपदों में अन्ना जानवरों की संख्या 258447 हो गई है। पिछले दिनों किसानों एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से चारे की व्यवस्था करने की मांग की गई थी।
मुख्य सचिव के आगमन पर भी चारे का मुद्दा जोरशोर से उठा था। अब राज्य सरकार की ओर से पशुओं के लिए सात करोड़ रुपया जारी किया गया है।
यह पैसा बुंदेलखंड के सातोें जिलों में पशुओं के चारा, दाना, पानी और दवा आदि के लिए खर्च किया जाएगा। शासन के प्रमुख सचिव सुरेशचंद्र ने इस संबंध में जारी आदेश में कहा है कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए यह पैसा राज्य आपदा मोचक निधि से दिया गया है। इसमेें बड़े पशु पर 70 रुपये और छोटे पशु पर 35 रुपये रोजाना की दर से खर्च होगा।
शासनादेश में कहा है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक केवल लघु एवं सीमांत किसानों के पशुओं के लिए चारे का प्रावधान किया गया है। जिलाधिकारी खर्च की मंजूरी देंगे। इस योजना की सामान्य अवधि 30 दिवस (डिफाल्ट पीरियड) तक होगी।
हालांकि बाद में यह 60 दिनों की अवधि बढ़ाई जा सकती है। सूखे की भीषण स्थिति में इसे 90 दिनों तक बढ़ाया जा सकेगा। यह भी कहा गया है कि इस मद में व्यय की गई राशि राज्य आपदा मोचक निधि की कुल राशि से 25 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।
फैक्ट फाइल
- बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर को मिलेंगे एक-एक करोड़
- लघु एवं सीमांत किसानों को ही मिलेगा पैसा।
- पैसे की निगरानी के लिए जिले से लेकर ब्लाक स्तर पर बनेगी कमेटी
- पशुपालन विभाग के कर्मचारी होंगे निगरानी कमेटी के अध्यक्ष
पैसा प्रति पशु के हिसाब से जारी किया जाएगा। इसमें बड़े पशु के लिए प्रतिदिन 70 रुपया एवं छोटे पशु के लिए 35 रुपया दिया जाएगा। इस पैसे का भुगतान ग्राम पंचायतवार किया जाएगा।
बु्ंदेलखंड में सूखे की वजह से पशुओं के चारे का संकट हो गया है। चारे के अभाव में तमाम पशुपालक जानवरों को छोड़ दे रहे हैं। ऐेसी स्थिति में अन्ना जानवरों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों की मानें तो चित्रकूट धाम मंडल के चार जनपदों में अन्ना जानवरों की संख्या 258447 हो गई है। पिछले दिनों किसानों एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से चारे की व्यवस्था करने की मांग की गई थी।
मुख्य सचिव के आगमन पर भी चारे का मुद्दा जोरशोर से उठा था। अब राज्य सरकार की ओर से पशुओं के लिए सात करोड़ रुपया जारी किया गया है।
यह पैसा बुंदेलखंड के सातोें जिलों में पशुओं के चारा, दाना, पानी और दवा आदि के लिए खर्च किया जाएगा। शासन के प्रमुख सचिव सुरेशचंद्र ने इस संबंध में जारी आदेश में कहा है कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए यह पैसा राज्य आपदा मोचक निधि से दिया गया है। इसमेें बड़े पशु पर 70 रुपये और छोटे पशु पर 35 रुपये रोजाना की दर से खर्च होगा।
शासनादेश में कहा है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक केवल लघु एवं सीमांत किसानों के पशुओं के लिए चारे का प्रावधान किया गया है। जिलाधिकारी खर्च की मंजूरी देंगे। इस योजना की सामान्य अवधि 30 दिवस (डिफाल्ट पीरियड) तक होगी।
हालांकि बाद में यह 60 दिनों की अवधि बढ़ाई जा सकती है। सूखे की भीषण स्थिति में इसे 90 दिनों तक बढ़ाया जा सकेगा। यह भी कहा गया है कि इस मद में व्यय की गई राशि राज्य आपदा मोचक निधि की कुल राशि से 25 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।
फैक्ट फाइल
- बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर को मिलेंगे एक-एक करोड़
- लघु एवं सीमांत किसानों को ही मिलेगा पैसा।
- पैसे की निगरानी के लिए जिले से लेकर ब्लाक स्तर पर बनेगी कमेटी
- पशुपालन विभाग के कर्मचारी होंगे निगरानी कमेटी के अध्यक्ष