फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Now nodal officers will test Bundeli cowsheds

अब बुंदेली गोशालाओं को परखेंगे नोडल अधिकारी

Fri, 23 Jul 2021 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 11:30 PM IST
विज्ञापन
Now nodal officers will test Bundeli cowsheds
बांदा। बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं के संरक्षण और उनकी देखभाल के उद्देश्य से खोली गई गोशालाओं की हकीकत जानने के लिए शासन ने नोडल अधिकारी नामित किए हैं। 10 दिन के विशेष अभियान के तहत नोडल अधिकारी गोशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कर 11 बिंदुओं पर जांच-पड़ताल करेंगे।
विज्ञापन

प्रत्येक नोडल अधिकारी प्रतिदिन 30 पशु आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। शुक्रवार को नोडल अधिकारियों ने आमद दर्ज करा दी। बुंदेलखंड में दो हजार से अधिक स्थायी/अस्थायी गोशाला, कान्हा गोशाला, कांजी हाउस सहित गो संरक्षण केंद्र हैं। इनमें पशुओं के संरक्षण व देखभाल में अब तक 10 अरब से अधिक रुपये खर्च होने के बाद भी अन्ना पशुओं की समस्या गंभीर बनी हुई है।
विज्ञापन

गोशालाओं में अन्ना पशु संरक्षण के नाम पर महज खानापूरी हो रही है। ज्यादातर पशु सड़कों और खेतों में विचरण कर रहे हैं। शासन ने गोशालाओं की हकीकत परखने के लिए जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। शुक्रवार को नोडल अधिकारियों ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारियों को अपनी आमद दर्ज करा दी है। शनिवार से गोशालाओं का निरीक्षण करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

नामित किए गए नोडल अधिकारी---
बांदा में राजीव धीर (उप पशु मुख्य चिकित्साधिकारी, रायबरेली), महोबा में सुरेंद्र कुमार (उप मुख्य चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य), चित्रकूट में गोपेश श्रीवास्तव (उप मुख्य चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य), हमीरपुर में सोम तिवारी (उप मुख्य चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य), झांसी में अविनाश कुमार भट्ट (पशु प्रयोगशाला अधीक्षक), ललितपुर में विवेक भारद्वाज (संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य गायनो), जालौन में एपी दिवाकर (संयुक्त निदेशक पशु (पैथोलॉजी), मुरादाबाद शामिल हैं।
इन बिंदुओं की होगा सत्यापन---
गोशाला में टिनशेड व पौधरोपण, भूसे की उपलब्धता व भंडारण, हरा चारा व संतुलित पशु आहार कना चूनी, चौकीदार की व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, जल भराव की स्थिति, पशुओं के पीने के लिए पानी, बिजली, पशुओं के बैठने की व्यवस्था आदि।
जन प्रतिनिधियों की लेंगे मदद
नोडल अधिकारी पशु आश्रय स्थलों के निरीक्षण के बाद रिपोर्ट शासन को देने के साथ ही सांसद, विधायक, मंत्रियों, प्रतिनिधियों व उच्चाधिकारियों से भी संपर्क कर स्थिति की जानकारी देंगे। विकास खंड के भ्रमण में ब्लाक प्रमुखों से संपर्क कर समस्याओं के निराकरण का आग्रह करेंगे। कार्यक्रमों में कमी या त्रुटि सामने आई तो नोडल अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

नोडल अधिकारियों ने शुक्रवार को डीएम के यहां अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। शनिवार से नोडल अफसर अपने-अपने जनपदों में गोशालाओं का सत्यापन करेंगे। शासन को निर्धारित प्रारूप पर नियमित 11 बिंदुओं की रिपोर्ट भेजेंगे।
- मनोज अवस्थी, उप निदेशक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed