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गणपति में हुआ नुकसान, देवियां कर रहीं भरपाई

Mon, 04 Oct 2021 11:40 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 11:40 PM IST
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Loss caused in Ganpati, ladies are compensating
Loss caused in Ganpati, ladies are compensating - फोटो : BANDA
बांदा। नवरात्र महोत्सव पर पंडालों का नजारा अबकी कुछ बदला नजर आएगा। कोविड-19 की दूसरी लहर में महामारी के प्रकोप के बाद शासन-प्रशासन ने अबकी कुछ तब्दीली की है। ज्यादातर पंडालों में छोटी मूर्तियां सजाने और भीड़ इकट्ठा न होने देने के निर्देश हैं। दो दिन बाद शुरू हो रहे नवरात्र महोत्सव को लेकर मूर्तिकार देवी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। गणेश महोत्सव में हुए नुकसान की भरपाई मूर्तिकार देवी प्रतिमाओं से करने में लगे हैं।
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नौ दिवसीय नवरात्र महोत्सव की शुरुआत 7 अक्तूबर (गुरुवार) से होगी। विसर्जन 16 अक्तूबर को होगा। पिछले वर्ष कोविड की वजह से नवरात्र पर्व फीका रहा, लेकिन इस बार थोड़ी छूट मिलने के बाद आयोजक पंडाल सजाने की तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि पंडालों और मूर्तियों का आकार छोटा रहेगा। इसी के मद्देनजर देवी प्रतिमाओं की बुकिंग भी हो रही है। साथ ही मंदिरों से लेकर घरों तक जोरशोर से तैयारियां शुरू हो गई हैं। केंद्रीय नवदुर्गा पूजा महोत्सव समिति के मुताबिक शहर और इससे सटे आसपास इलाकों समेत लगभग ढाई सैकड़ा देवी प्रतिमा स्थापित होंगी।
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उधर, शहर के कटरा, कालूकुआं, डिग्गी चौराहा आदि स्थानों में कोलकाता के मूर्तिकार बड़ी संख्या में देवी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मूर्तिकार मधु पाल और रामजी ने बताया कि 100 से 150 मूर्तियां तैयार की गई हैं। इनमें अधिकांश देवी प्रतिमाएं तीन से छह फिट तक की हैं। बड़ी मूर्तियां गिनीचुनी हैं। लगभग 80 फीसदी प्रतिमाएं बुक हो चुकी हैं। 6 सितंबर से ही मूर्तियां पंडालों में पहुंचने लगेंगी। मूर्तिकारों का यह भी कहना है कि गणेश महोत्सव में पाबंदियों से बड़ा नुकसान हुआ था। मजबूरन देवी प्रतिमाओं के दाम बढ़ाने पड़े।
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मूर्तियों का आकार कम, पर दाम नहीं
देवी प्रतिमाओं का आकार छोटा होने के साथ दाम भी कम होने चाहिए, लेकिन मूर्तिकारों ने दाम कम करने की बजाय और बढ़ा दिए हैं। तीन हजार रुपये की मूर्ति अबकी पांच हजार रुपये में मिल रही है। इसी तरह 11 हजार, 21 हजार और 51 हजार तक दामों की मूर्तियां तैयार की गई हैं। मूर्तिकारों का कहना है कि उनके साथ आधा दर्जन से ज्यादा कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। महंगाई भी है। गणेश महोत्सव में नुकसान लगा था। इसी वजह से दामों में इजाफा करना पड़ा।

तीन हजार यूनिट प्रतिदिन की बढ़ेगी खपत
नवरात्र महोत्सव में बिजली खपत बढ़ जाएगी। मौजूदा में दो करोड़ यूनिट (20 मिलियन यूनिट) खपत है। नवरात्र पर्व पर लगभग तीन हजार यूनिट अतिरिक्त बिजली की खपत बढ़ जाएगी। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पंडाल आयोजकों से अस्थाई कनेक्शन लेने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। फिलहाल अभी तक किसी ने आवेदन नहीं दिया। प्रति यूनिट सात रुपये की दर से भुगतान करना होगा।
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