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एलआईसी के प्रशासनिक अधिकारी ने फांसी लगा जान दी

Mon, 04 May 2015 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Mon, 04 May 2015 11:38 PM IST
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 LIC officer committed suicide

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रशासनिक अधिकारी ने अपने विभागीय आवास में सीलिंग फैन पर दुपट्टा बांधकर फांसी लगा ली। पत्नी के मुताबिक कुछ विभागीय अधिकारी उनके पति को परेशान कर रहे थे। तीन दिन पहले ही उन्हें एक नोटिस मिला था, जिसमें पांच इंक्रीमेंट काट दिए जाने की बात कही गई है। इसके बाद से वे तनाव में थे।

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सिविल लाइन स्थित एलआईसी भवन संख्या-3 में रहने वाले राजबहादुर प्रजापति (42) पुत्र चुन्नीलाल पिछले मार्च माह तक बांदा ब्रांच में प्रशासनिक अधिकारी पद पर कार्यरत थे। दो माह पूर्व उनका फतेहपुर तबादला हो गया था। पत्नी सुनीता के मुताबिक वे रोजाना फतेहपुर से आते-जाते थे। सोमवार की सुबह पति ने उनके साथ चाय पी। इसके बाद कमरे में चले गए।
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वह कपड़े धोने लगी। इसी बीच पति ने कमरे में सीलिंग फैन में उनका दुपट्टा बांधकर गले में फंदा लगा लिया और फांसी पर झूल गए। वह किसी काम से उठी तो कमरे में उनके शरीर को झूलता देखा और शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। तब तक पति का शरीर निढाल पड़ चुका था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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सुनीता ने बताया कि शनिवार को एलआईसी डिवीजन से उनके पति को नोटिस प्राप्त हुई थी। इसमें विभिन्न आरोपों का जिक्र किया गया था। साथ ही उनके पांच इंक्रीमेंट (टाईम स्केल) काटने की कार्रवाई की गई थी। इससे लगभग 12,000 रुपये हर माह कटना था।

बकौल सुनीता डेढ़-दो वर्ष पूर्व बांदा में तैनाती के दौरान यहां सेटेलाइट ब्रांच में तत्कालीन प्रबंधक से उनके पति का झगड़ा हुआ था। उन्हीं ने अधिकारियों से उसके पति के खिलाफ कार्रवाई करा दी। मुकदमा भी दर्ज करा दिया। इस इकतरफा कार्रवाई से उनके पति पहले से तनाव में चल रहे थे।

इधर नोटिस और वेतन कटौती का आदेश मिलने के बाद वे और तनाव में आ गए। घर में इसका जिक्र भी किया था। उनके एक पुत्र प्रवीण कुमार (15) है। वह कोटा (राजस्थान) में पढ़ रहा है। उसे भी लिवर संबंधी बीमारी है। कानपुर में इलाज चल रहा है। उधर, सिविल लाइंस चौकी प्रभारी आरए त्रिपाठी ने भी डेढ़ वर्ष पूर्व ब्रांच मैनेजर से हुए झगड़े की बात स्वीकारी। कहा कि इसका मुकदमा भी चल रहा है।


इसी के चलते विभागीय कार्रवाई और इंक्रीमेंट काटा गया। चौकी प्रभारी ने कहा कि जांच की जा रही है। फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी गई है।  एलआईसी के मौजूदा ब्रांच मैनेजर आरएस यादव ने बताया कि राजबहादुर प्रजापति को हाल ही नोटिस मिलने संबंधी उनको जानकारी है। श्री प्रजापति फतेहपुर में कार्यरत थे। इस ब्रांच से मौजूदा समय में उनका संबंध नहीं था।

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