कन्हैया ने कुछ गलत नहीं कहा: प्रो. मैनेजर
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बांदा। जेएनयू, दिल्ली के सेवानिवृत्त प्रवक्ता डॉ. मैनेजर पांडेय ने कहा कि जेएनयू में विचारधारा की लड़ाई हो रही है। इसमें किसी दूसरे मुल्क या बाहरी ताकतों का कोई हाथ नहीं है। अभिव्यक्ति की बात हो रही है लेकिन केंद्र सरकार के लोग जबरदस्ती अपनी बात मनवाना चाहते हैं। जेएनयू के छात्र और अध्यापक विचार की लड़ाई लड़ रहे हैं। डॉ. पांडेय रविवार को यहां कवि केदारबाबू सम्मान समारोह में शामिल होने आए थे। वह तीन दशकों तक जेएनयू मेें हिंदी विभाग के प्रोफेसर रहे। ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया ने कुछ गलत नहीं किया। कश्मीर में सेना के बारे में दिया गया उसका बयान भी गलत नहीं है। इसीलिए वह खुद और विश्वविद्यालय के बड़े प्रोफेसर उसके साथ हैं। डॉ. पांडेय ने कहा कि जेएनयू में जो घटित हुआ उससे कहीं ज्यादा अफवाहें फैलीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय होने से यह सरकार के अधीन है। कुलपति भी सरकार की इच्छानुसार विश्वविद्यालय चलाते हैं।
डॉ. पांडेय ने कहा कि जेएनयू के छात्र और अध्यापक विचार की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें देश के बारे में अपने ढंग से सोचने दिया जाए। उन्होंने कहा कि जेएनयू कैंपस में अफजल गुुरु के प्रति हमदर्दी नहीं दिखाई गई। यह सब झूठे वीडियो का कमाल है। कन्हैया बिलकुल निर्देश हैं। क्योंकि पुलिस अभी तक सबूत नहीं दे पाई। कन्हैया ने भी ऐसा कुछ स्वीकार नहीं किया। इसलिए वह कहां से दोषी है? डॉ. पांडेय ने कहा कि यह सही है कि जेएनयू परिसर में छात्रों की मीटिंग हुई थी लेकिन छात्रों की मीटिंग किसी पार्टी के लिए नहीं होती।
विचारों के आदान-प्रदान के लिए होती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वाले कौन हैं? पुलिस उनका अब तक पता नहीं कर सकी। इसकी कन्हैया ने खुद निंदा की है। डॉ. पांडेय ने कहा कि कश्मीर में कन्हैया ने सेना के बारे में यही कहा कि बलात्कार करते हैं। ऐसा कश्मीर के लोग बताते हैं। उन्होंने कहा कि सेना दुश्मनों से लड़ने के लिए बनी है। अपने ही लोगों पर अत्याचार करने के लिए नहीं।