{"_id":"5ef8d7e48ebc3e42e21aa2e6","slug":"jila-udyohg-vyapar-madal-give-letter-to-officer-in-banda-banda-news-knp568147072","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्योग व्यापार मंडल ने मंडी शुल्क बढ़ाने को लेकर दिया ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्योग व्यापार मंडल ने मंडी शुल्क बढ़ाने को लेकर दिया ज्ञापन
विज्ञापन
जिला उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में उपस्थित व्यापारी।
- फोटो : BANDA
जिला उद्योग व्यापार मंडल मंडी शुल्क के विरोध में 30 जून व पहली जुलाई को मुख्यमंत्री सहित स्थानीय विभागों को ज्ञापन देगा। प्रदेश अध्यक्ष पंडित श्याम बिहारी मिश्रा के आहवान पर यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।
रविवार को कार्यालय में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश सर्राफ ने कहा कि प्रदेश में कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम 1964 में लागू हुआ था। तब इसकी दर 25 से 50 पैसे प्रति सैकड़ा थी। अब यह सेस के साथ 2.5 फीसदी हो गई है जबकि पड़ोसी राज्यों में मंडी शुल्क माफ है। ऐसे में प्रदेश का व्यापारी पड़ोसी राज्य का रुख कर रहा है।
कहा कि व्यापार मंडल ने ‘एक देश-एक टैक्स’ की मांग की थी। केंद्र सरकार ने 5 जून को मंडी शुल्क व उसके प्रावधानों को समाप्त कर दिया थ लेकिन राज्य सरकार इसे माफ नहीं कर रही। यह उसी के अधिकार क्षेत्र की बात है। बैठक में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, कमलेश कुमार गुप्ता, संतोष गुप्ता अनशनकारी, शिवपूजन गुप्ता, निखिल सक्सेना आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को कार्यालय में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश सर्राफ ने कहा कि प्रदेश में कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम 1964 में लागू हुआ था। तब इसकी दर 25 से 50 पैसे प्रति सैकड़ा थी। अब यह सेस के साथ 2.5 फीसदी हो गई है जबकि पड़ोसी राज्यों में मंडी शुल्क माफ है। ऐसे में प्रदेश का व्यापारी पड़ोसी राज्य का रुख कर रहा है।
विज्ञापन
कहा कि व्यापार मंडल ने ‘एक देश-एक टैक्स’ की मांग की थी। केंद्र सरकार ने 5 जून को मंडी शुल्क व उसके प्रावधानों को समाप्त कर दिया थ लेकिन राज्य सरकार इसे माफ नहीं कर रही। यह उसी के अधिकार क्षेत्र की बात है। बैठक में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, कमलेश कुमार गुप्ता, संतोष गुप्ता अनशनकारी, शिवपूजन गुप्ता, निखिल सक्सेना आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन