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मंडल मुख्यालय में ही मिट्टी का अवैध खनन
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 11 Jun 2015 11:01 PM IST
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बालू की तर्ज पर मिट्टी का भी बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। मिट्टी की अवैध खदानें मंडल मुख्यालय की नाक तले चल रही हैं। इस गोरखधंधे में लगे लोग रोजाना सैकड़ों ट्राली मिट्टी का अवैध खनन करके लाखों रुपये की रायल्टी चोरी कर रहे हैं।
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खनिज अधिकारी सरकारी कामाें के लिए मिट्टी खनन को वैध बताकर अवैध खनन पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बांदा शहर में हरदौली घाट, राजघाट, प्रागी तालाब, निम्नीपार, नवाब टैंक, कताई मिल के पीछे, मेडिकल कालेज के पीछे आदि स्थानों पर रात-दिन मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है।
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नदी किनारे की भारी भरकम कगारें और टीले खत्म हो चुके हैं। हरदौली घाट में अंधाधुंध मिट्टी खनन से केन नदी में बाढ़ का पानी शहर की ओर दाखिल हो सकता है, पर प्रशासन और खनिज विभाग इन सारे खतरों से अंजान है। दिन-रात सैकड़ों ट्राली मिट्टी अवैध खनन करने बेची जा रही है।
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600 से 800 रुपये प्रति ट्र्राली मिट्टी की बिक्री हो रही है। बालू और गिट्टी के ट्रक और ट्रालियां अक्सर पकड़े जाने की खबरें तो आती हैं, पर मंडल मुख्यालय में चल रहे अवैध खनन पर कभी धरपकड की खबरें नहीं मिलतीं।
अवैध खनन के सवाल पर जिला खनिज अधिकारी हवलदार सिंह ने जवाब दिया- ‘हो सकता है कि कोई सरकारी एजेंसी सरकारी निर्माण कार्य करारही हो, वहां मिट्टी की जरूरत होने पर खनन किया जा रहा होगा’। बकौल खनिज अधिकारी, सरकारी इस्तेमाल के लिए मिट्टी का खनन किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में बांदा जिले में 33 एजेंसियां सरकारी निर्माण कर रही हैं। इन एजेंसियों को नोटिस जारी कर लगभग 10 करोड़ रुपये राजस्व जमा कराया गया है। खनिज अधिकारी ने कहा कि बालू, मिट्टी की चोरियाें को सरकारी एजेंसी ने ही बढ़ावा दिया है।