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Banda News: मां ने डांटा था तो मुझे भी बता सकता था...

Tue, 12 Sep 2023 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Tue, 12 Sep 2023 12:32 AM IST
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If mother had scolded me then she could have told me too.
बांदा। मां ने डांट दिया था तो कम से कम मुझसे तो बता देता। अपने दिल की बात भी नहीं कही और हमेशा के लिए छोड़कर चला गया। अपने निज निवास में बैठे जलशक्ति राज्यमंत्री के निजी पीआरओ व दाल व्यापारी दिलीप गुप्ता ने भारी आवाज से यह बात अपने करीबियों से कही। उन्होंने बताया कि स्वयं अरुण गुप्ता को उन्होंने कुंवर की तरह पाला था। इसलिए उसका नाम भी कुंवर जी रखा था। आखिरी समय में भी उसने कुछ न कहा।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के कालवन गंज छोटी बाजार निवासी मृतक अरुण गुप्ता के पिता दिलीप गुप्ता और मां डॉ. रमा गुप्ता दोनों घटना के बाद से बदहवास हो गए। उन्होंने बताया कि उनके मात्र एक ही पुत्र था। वह उसे बहुत दुलार करते थे। उसकी हर फरमाइश पूरी होती थी।
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अरुण के दादा अरुण गुप्ता दाल वाले और दादी सुशीला का अरुण दुलारा था। अरुण की खुदकुशी को लेकर वह भी खासे व्यथित थे। पिता दिलीप ने बताया कि खेलो इंडिया खेलो प्रतियोगिता के तहत जुलाई माह में उसका चयन बैडमिंटन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया था। पिता का कहना है कि अरुण पूरे परिवार का दुलारा था। बार-बार उसे याद करके उनकी आंखें भर आईं।
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जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद के हस्तक्षेप से पुलिस प्रशासन ने सोमवार को सुबह 11 बजे पोस्टमार्टम करा दिया। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिग की पुष्टि की गई है। पोस्टमार्टम हाउस में मंत्री के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह, राजकुमार राज, अमित सेठ भोलू व कल्लू राजपूत आदि भाजपा नेता मौजूद रहे। अरुण का अंतिम संस्कार राजघाट मुक्तिधाम में हुआ।



बच्चों में बढ़ती मोबाइल संस्कृति से बच्चे परिवार से अलग हो रहे हैं। वह एकांत पसंद करते हैं। ऐसे में अगर कोई उन्हें डांटता या मारता है तो वह कुंठा के शिकार होकर आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। ज्यादातर आत्महत्या के मामलों में मोबाइल एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। बच्चों के अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों पर नजर रखें। उनसे प्यार और दुलार से उनके मन की बात को जानने की कोशिश करें। उनके अंदर उमड़ रहे सवालों को पूछकर उनका हल करने का प्रयास करें।
डॉ. रिजवाना हाशमी
क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, मानसिक रोग विभाग,
जिला अस्पताल,बांदा।
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