ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में पर्यटकों को रिझाने की कवायद शुरू

ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Tue, 02 Jun 2015 12:05 AM IST
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Historical Kalinjar Fort

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पुरातत्व विभाग ने ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग के प्रति पर्यटकों को रिझाने की कवायद शुरू की है। इसी क्रम में ऐतिहासिक दुर्ग में स्थापित हजारों मूर्तियों, अवशेषों और शिलालेखों का अध्ययन व छायांकन किया जा रहा है। बीते तीन दिनों में किले के राजा अमान सिंह महल में 1800 प्रतिमाओं, उनके अवशेषों तथा शिलालेखों का अध्ययन और छायांकन किया जा चुका है। पुरातत्व विभाग के सहयोग से यह महत्वपूर्ण काम आईपीएस अधिकारी एडीजी विजय कुमार करा रहे हैं।
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कालिंजर विकास संस्थान के संयोजक बीडी गुप्त ने बताया कि अभी लगभग 1200 प्रतिमाओं का अध्ययन और छायांकन बाकी है। यह काम पुरातत्व विभाग लखनऊ सर्किल के अधिकारी दिवाकर सिंह के सहयोग से किया जा रहा है।
हाल ही में यहां अपने तीन दिवसीय कालिंजर प्रवास के दौरान आईपीएस विजय कुमार और दिवाकर सिंह ने संयुक्त प्रयासों से यह काम अंजाम दिया है। पुरातत्व अधिकारी दिवाकर सिंह ने कहा कि यहां उपलब्ध बड़ी संख्या में संग्रहीत और सुरक्षित श्रेष्ठ मूर्तियां एक उच्चकोटि के संग्रहालय के लिए पर्याप्त हैं।
कालिंजर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक अच्छे आधुनिक संग्रहालय की बेहद जरूरत है। संयोजक बीडी गुुप्त ने बताया कि प्राचीन स्मारक सुरक्षा कानून 1905 में बना था। तभी से पूरा कालिंजर दुर्ग और परिसर के ध्वस्त मंदिरों की मूर्तियां सुरक्षित घोषित कर दी गई थीं।

इनको नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। एक शताब्दी से अधिक समय से मूर्तियाें का यह विशाल भंडार राजा अमान सिंह के महल में सुरक्षित है। पिछले माह यहां आए केंद्र सरकार के संस्कृति सचिव रवींद्र सिंह ने कालिंजर दुर्ग के विकास का आश्वासन दिया था। उन्होंने मूर्तियों की दुर्दशा पर चिंता जताई थी।

कालिंजर की मूर्तियों की प्रदर्शनी का सुझाव
सोमवार को बलखंडीनाका स्थित बैरिस्टर साहब की कोठी में डा. शेख सादी जमां द्वारा आयोजित गोष्ठी में एडीजी विजय कुमार ने बताया कि कालिंजर में उपलब्ध कला भंडार से प्रदेश और देश की जनता को प्रदर्शनी लगाकर परिचित कराया जाएगा।

नगर पालिका पूर्व चेयरमैन अशोक अवस्थी ने सुझाव दिया कि यह प्रदर्शनी दिल्ली में लगाई जाए, ताकि मीडिया के जरिए इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित कराया जा सके। इससे कालिंजर के प्रति पर्यटक आकर्षित होंगे। सांसद भैरों प्रसाद मिश्र से भी कालिंजर विकास में सहयोग मांगा गया है।
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