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बारिश में कच्ची दीवार ढहने से किसान की मौत
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बांदा। मवेशियों की रखवाली के लिए पशुबाड़े में सो रहे वृद्ध किसान की शुक्रवार की रात तेज बारिश के दौरान कच्ची दीवार ढहने से मलबे में दबकर मौत हो गई। मृतक पशुपालन के अलावा खेतीबाड़ी भी करता था। किसान के ऊपर लगभग तीस हजार रुपये का बैंक कर्ज भी था।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के गौरा जलालपुर गांव निवासी श्रीपाल यादव (65) शुक्रवार की रात घर से कुछ दूर स्थित पशुबाड़ा पशुओं की सुरक्षा के लिए गया था और रात में वहीं पर चारपाई में सो गया था। देर रात में तेज बारिश के चलते कच्ची दीवार चारपाई में सो रहे श्रीपाल के ऊपर गिर गई, जिससे वह मलबे में दब गए।
शनिवार को सुबह परिजन मवेशियों को चारा-भूसा देने के लिए गए तो घटना की जानकारी हुई। श्रीपाल मिट्टी के मलबे में दबे हुए थे। उनके सिर्फ पैर के पंजे ही नजर आ रहे थे। परिजनों ने आनन-फानन उसे बाहर निकाला, लेकिन श्रीपाल की मौत हो चुकी थी।
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सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों ने बताया कि मवेशी चोरी होने की घटनाओं की आशंका के चलते श्रीपाल रोजाना की तरह पशुबाड़े में रखवाली के लिए गए थे। वह वहीं पर रात में सोते भी थे।
परिजनों के मुताबिक, श्रीपाल के नाम चार बीघा जमीन है। खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजर-बसर करते थे। उनके तीन पुत्र हैं, जो परदेस में मजदूरी करते हैं। घर में पत्नी गिरजा देवी रहती हैं।
बारिश में दो घर ढहे, ग्रामीणों ने परिजनों को मलबे से निकाला
अतर्रा। बारिश से दो सगे भाइयों के घर धराशाई हो गए। परिजन मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित निकाल लिया। गृहस्थी चौपट हो गई। परिवार खुले आसमान तले पड़ा है। सरकारी आवास योजना का भी लाभ नहीं मिला।
थाना क्षेत्र के खम्हौरा गांव निवासी मजदूर पेशा सुधीर व उसके छोटे भाई छत्रपाल के कच्चे मकान शुक्रवार की रात भरभरा कर गिर गए। हादसे के समय परिजन मलबे में दब गए। शोर सुनकर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें मामूली चोटें आई थीं।
अनाज और गृहस्थी का सारा सामान बर्बाद हो गया। दो दिन से हो रही लगातार बारिश में पूरा मकान ढहा है। दोनों भाइयों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चार माह पूर्व आवेदन किया था। आरोप लगाया कि पात्र होते हुए भी पात्रता सूची से नाम काट दिया गया। घर ढहने से पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। पीड़ितों ने एसडीएम सौरभ शुक्ला से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के गौरा जलालपुर गांव निवासी श्रीपाल यादव (65) शुक्रवार की रात घर से कुछ दूर स्थित पशुबाड़ा पशुओं की सुरक्षा के लिए गया था और रात में वहीं पर चारपाई में सो गया था। देर रात में तेज बारिश के चलते कच्ची दीवार चारपाई में सो रहे श्रीपाल के ऊपर गिर गई, जिससे वह मलबे में दब गए।
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शनिवार को सुबह परिजन मवेशियों को चारा-भूसा देने के लिए गए तो घटना की जानकारी हुई। श्रीपाल मिट्टी के मलबे में दबे हुए थे। उनके सिर्फ पैर के पंजे ही नजर आ रहे थे। परिजनों ने आनन-फानन उसे बाहर निकाला, लेकिन श्रीपाल की मौत हो चुकी थी।
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सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों ने बताया कि मवेशी चोरी होने की घटनाओं की आशंका के चलते श्रीपाल रोजाना की तरह पशुबाड़े में रखवाली के लिए गए थे। वह वहीं पर रात में सोते भी थे।
परिजनों के मुताबिक, श्रीपाल के नाम चार बीघा जमीन है। खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजर-बसर करते थे। उनके तीन पुत्र हैं, जो परदेस में मजदूरी करते हैं। घर में पत्नी गिरजा देवी रहती हैं।
बारिश में दो घर ढहे, ग्रामीणों ने परिजनों को मलबे से निकाला
अतर्रा। बारिश से दो सगे भाइयों के घर धराशाई हो गए। परिजन मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित निकाल लिया। गृहस्थी चौपट हो गई। परिवार खुले आसमान तले पड़ा है। सरकारी आवास योजना का भी लाभ नहीं मिला।
थाना क्षेत्र के खम्हौरा गांव निवासी मजदूर पेशा सुधीर व उसके छोटे भाई छत्रपाल के कच्चे मकान शुक्रवार की रात भरभरा कर गिर गए। हादसे के समय परिजन मलबे में दब गए। शोर सुनकर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें मामूली चोटें आई थीं।
अनाज और गृहस्थी का सारा सामान बर्बाद हो गया। दो दिन से हो रही लगातार बारिश में पूरा मकान ढहा है। दोनों भाइयों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चार माह पूर्व आवेदन किया था। आरोप लगाया कि पात्र होते हुए भी पात्रता सूची से नाम काट दिया गया। घर ढहने से पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। पीड़ितों ने एसडीएम सौरभ शुक्ला से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।