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Banda News: निजी अस्पतालों में डेंगू इलाज से जेब ढीली, सरकारी में एक रुपये में पूरा इलाज
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बांदा। डेंगू के बढ़ते मामलों ने प्राइवेट अस्पतालों की चांदी कर दी है। डेंगू की जांच से लेकर पूरे इलाज की सुविधा का दावा कर रहे प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के एक मरीज पर 10 से 12 हजार रुपये का खर्चा आ रहा है। उधर, सरकारी अस्पतालों मसलन जिला अस्पतालों व मेडिकल कॉलेज में महज एक रुपये के पर्चे पर डेंगू जांच से लेकर पूरा इलाज किया जा रहा है। जिले के प्रत्येक प्राइवेट नर्सिंग होम में प्रतिदिन पांच से 10 मरीज भर्ती कराए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल में एक रुपये के पर्चे में डेंगू और वायरल फीवर जैसे रोग का इलाज होने के बावजूद कुछ लोग निजी अस्पतालों में डेंगू का इलाज कराने को ज्यादा अच्छा मान रहे हैं। हालांकि प्राइवेट में इन्हें अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। जिले के नर्सिंग होमों में डेंगू इलाज का पूरा पैकेज मौजूद है। बेड चार्ज से लेकर डॉक्टर की विजिट तक के पैसे तय हैं। जांच की सुविधा से लेकर भर्ती आदि का दावा निजी अस्पताल/नर्सिंग होम कर रहे हैं।
एक प्राइवेट अस्पताल के संचालक की माने तो उनके यहां प्रतिदिन पांच से 10 मरीज डेंगू बुखार से संबंधित आ रहे हैं। इनको जनरल और प्राइवेट रूम में भर्ती कराकर इलाज किया जा रहा है। जनरल वार्ड में बेड चार्ज 1000 रुपये व प्राइवेट रूम लेने में यह चार्ज बढ़कर 1500 से 2000 रुपये तक प्रतिदिन का है। इलाज, जांच, मेडिसिन और बोतल आदि का पैकेज अलग है। कुल मिलाकर एक डेंगू मरीज पर औसतन 10 से 12 हजार रुपये का प्राइवेट में खर्चा बैठ रहा है। जबकि सरकारी अस्पताल में यह सब महज एक रुपये के पर्चे में उपलब्ध है।
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जिला अस्पताल में एक रुपये के पर्चे में डेंगू और वायरल फीवर जैसे रोग का इलाज होने के बावजूद कुछ लोग निजी अस्पतालों में डेंगू का इलाज कराने को ज्यादा अच्छा मान रहे हैं। हालांकि प्राइवेट में इन्हें अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। जिले के नर्सिंग होमों में डेंगू इलाज का पूरा पैकेज मौजूद है। बेड चार्ज से लेकर डॉक्टर की विजिट तक के पैसे तय हैं। जांच की सुविधा से लेकर भर्ती आदि का दावा निजी अस्पताल/नर्सिंग होम कर रहे हैं।
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एक प्राइवेट अस्पताल के संचालक की माने तो उनके यहां प्रतिदिन पांच से 10 मरीज डेंगू बुखार से संबंधित आ रहे हैं। इनको जनरल और प्राइवेट रूम में भर्ती कराकर इलाज किया जा रहा है। जनरल वार्ड में बेड चार्ज 1000 रुपये व प्राइवेट रूम लेने में यह चार्ज बढ़कर 1500 से 2000 रुपये तक प्रतिदिन का है। इलाज, जांच, मेडिसिन और बोतल आदि का पैकेज अलग है। कुल मिलाकर एक डेंगू मरीज पर औसतन 10 से 12 हजार रुपये का प्राइवेट में खर्चा बैठ रहा है। जबकि सरकारी अस्पताल में यह सब महज एक रुपये के पर्चे में उपलब्ध है।
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