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Banda News: सामने आए अरबों के बेनामी संपत्ति के मामले
Sat, 14 Mar 2026 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 14 Mar 2026 12:11 AM IST
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बांदा। यूपी और मध्य प्रदेश के ग्रेनाइट खनन, मेडिकल और रियल एस्टेट के कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग का तीसरे दिन शुक्रवार को भी छापा जारी रहा। इस दौरान किलो में सोना, हीरे के जेवर, भारी मात्रा में नकदी और विदेशों में संपत्ति के चौंकाने वाले खुलासे से आयकर विभाग की टीम सकते में है। विभाग ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सहयोग की अपेक्षा जताई है। जिसके लिए जिलाधिकारी के माध्यम से गृह मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र भेजा जा रहा है।
आयकर विभाग कानपुर की टीमों ने बुधवार की तड़के यूपी और एमपी के एक दर्जन से अधिक ऐसे कारोबारियों के यहां छापा मारा जो ग्रेनाइट खनन, मेडिकल और रियल एस्टेट जैसे बड़े व्यवसायों से जुड़े हैं। तीन दिन से लगातार जारी जांच में अब तक अरबों रुपये की बेनामी संपत्तियां, किलो के हिसाब से सोना, हीरे के जेवर, लगभग 50 करोड़ रुपये नकद, 400 से अधिक मकानों से संबंधित बैनामे, विभिन्न फर्मों के दस्तावेज और विदेशों में संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कारोबारी इन संपत्तियों के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, टैक्स चोरी की परतें खुलती जा रही हैं। सामने आई संपत्तियां सात सालों में अर्जित की गई हैं, जो आय से कहीं अधिक है।
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इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग ने ईडी के सहयोग की मांग की है। इसके लिए जिलाधिकारी के माध्यम से गृह मंत्रालय, भारत सरकार को एक विस्तृत पत्र भेजा जा रहा है। विभाग का मानना है कि ईडी की विशेषज्ञता से इस बड़े आर्थिक अपराध की तह तक पहुंचा जा सकेगा। आयकर से संबंधित जांच शुक्रवार शाम तक पूरी हो जाएगी।
जिसके बाद मिले दस्तावेजों और बेनामी संपत्तियों की वीडियोग्राफी और सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह प्रक्रिया गवाहों की मौजूदगी में की जा रही है, जिसमें पड़ोस के दो लोगों को शामिल किया गया है।
परिजनों को मिली छूट, गवाहों की मौजूदगी में हो रही कार्यवाही
आयकर विभाग की टीमों ने शुक्रवार को कारोबारियों के परिजनों को विशेष परेशानी नहीं दी। उन्हें बाजार आने-जाने की छूट दी गई। अधिकारी एक कमरे में बैठकर दस्तावेजों को खंगालने और वीडियोग्राफी करने में व्यस्त रहे। गवाहों के तौर पर रखे गए पड़ोसियों के हस्ताक्षर उन सभी दस्तावेजों पर करवाए गए हैं जिन्हें सीज किया गया है। साथ ही, सील किए गए बोरों में क्या है, इसकी भी उनसे पुष्टि कराई जा रही है।
कुछ ठिकानों से टीम वापस, अन्य पर जांच जारी
आयकर विभाग की टीम रियल एस्टेट कारोबारी अज्ञात गुप्ता और ग्रेनाइट कारोबारी सीरजध्वज के ठिकानों से वापस लौट चुकी है। हालांकि, शुक्रवार को टीम ग्रेनाइट, मेडिकल भाजपा नेता कारोबारी दिलीप सिंह और शिवशरण सिंह के ठिकानों पर पूरी तरह से जमी रही। देर शाम तक, इन दोनों कारोबारियों के यहां से करीब 200 फाइलें जब्त की गईं, जिनकी वीडियोग्राफी और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही थी।
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आयकर विभाग कानपुर की टीमों ने बुधवार की तड़के यूपी और एमपी के एक दर्जन से अधिक ऐसे कारोबारियों के यहां छापा मारा जो ग्रेनाइट खनन, मेडिकल और रियल एस्टेट जैसे बड़े व्यवसायों से जुड़े हैं। तीन दिन से लगातार जारी जांच में अब तक अरबों रुपये की बेनामी संपत्तियां, किलो के हिसाब से सोना, हीरे के जेवर, लगभग 50 करोड़ रुपये नकद, 400 से अधिक मकानों से संबंधित बैनामे, विभिन्न फर्मों के दस्तावेज और विदेशों में संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए हैं।
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सूत्रों के अनुसार, कारोबारी इन संपत्तियों के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, टैक्स चोरी की परतें खुलती जा रही हैं। सामने आई संपत्तियां सात सालों में अर्जित की गई हैं, जो आय से कहीं अधिक है।
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इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग ने ईडी के सहयोग की मांग की है। इसके लिए जिलाधिकारी के माध्यम से गृह मंत्रालय, भारत सरकार को एक विस्तृत पत्र भेजा जा रहा है। विभाग का मानना है कि ईडी की विशेषज्ञता से इस बड़े आर्थिक अपराध की तह तक पहुंचा जा सकेगा। आयकर से संबंधित जांच शुक्रवार शाम तक पूरी हो जाएगी।
जिसके बाद मिले दस्तावेजों और बेनामी संपत्तियों की वीडियोग्राफी और सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह प्रक्रिया गवाहों की मौजूदगी में की जा रही है, जिसमें पड़ोस के दो लोगों को शामिल किया गया है।
परिजनों को मिली छूट, गवाहों की मौजूदगी में हो रही कार्यवाही
आयकर विभाग की टीमों ने शुक्रवार को कारोबारियों के परिजनों को विशेष परेशानी नहीं दी। उन्हें बाजार आने-जाने की छूट दी गई। अधिकारी एक कमरे में बैठकर दस्तावेजों को खंगालने और वीडियोग्राफी करने में व्यस्त रहे। गवाहों के तौर पर रखे गए पड़ोसियों के हस्ताक्षर उन सभी दस्तावेजों पर करवाए गए हैं जिन्हें सीज किया गया है। साथ ही, सील किए गए बोरों में क्या है, इसकी भी उनसे पुष्टि कराई जा रही है।
कुछ ठिकानों से टीम वापस, अन्य पर जांच जारी
आयकर विभाग की टीम रियल एस्टेट कारोबारी अज्ञात गुप्ता और ग्रेनाइट कारोबारी सीरजध्वज के ठिकानों से वापस लौट चुकी है। हालांकि, शुक्रवार को टीम ग्रेनाइट, मेडिकल भाजपा नेता कारोबारी दिलीप सिंह और शिवशरण सिंह के ठिकानों पर पूरी तरह से जमी रही। देर शाम तक, इन दोनों कारोबारियों के यहां से करीब 200 फाइलें जब्त की गईं, जिनकी वीडियोग्राफी और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही थी।