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भूरागढ़ दुर्ग की भूमि में गोशाला की मांगी अनुमति
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बांदा। केन नदी किनारे भूरागढ़ किले में खंडहर के रूप में निष्प्रयोज्य पड़ी जमीन पर अस्थायी गोशाला के लिए अनुमति देने की मांग डीएम से की गई है। राष्ट्रीय गो सेवा मिशन की इस अर्जी पर बुंदेलखंड विकास बोर्ड उपाध्यक्ष अयोध्या सिंह पटेल ने भी संस्तुति की है।
राष्ट्रीय गो सेवा मिशन सेवा संघ इकाई बांदा ने डीएम को दिए पत्र में कहा कि भूरागढ़ दुर्ग के खंडहर में तमाम परती जमीन हैं। लोगों ने कब्जा कर मकान बना लिए हैं। अवैध कब्जे अभी भी जारी हैं। शासन-प्रशासन की उपेक्षा से यह ऐतिहासिक खंडहर नष्ट हो रहा है। कहा कि विकलांग गो संरक्षण केंद्र अस्थायी रूप से खोलकर गोवंश का संरक्षण करना चाहते हैं।
विकलांग, असहाय व घायल अन्ना पशुओं को इसमें संरक्षण दिया जाएगा, इसकी अनुमति दी जाए। अर्जी देने वालों में संघ के मदन मोहन शर्मा, शिवकुमार सिंह आदि शामिल हैं। उधर, संघ के इस पत्र पर बुंदेलखंड विकास बोर्ड उपाध्यक्ष ने डीएम को दिए पत्र में कहा कि संघ के संचालक स्वामी कृष्णानंद महाराज हैं। पटेल ने गो संरक्षण के लिए भूमि की अनुमति देने का अनुरोध किया है।
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राष्ट्रीय गो सेवा मिशन सेवा संघ इकाई बांदा ने डीएम को दिए पत्र में कहा कि भूरागढ़ दुर्ग के खंडहर में तमाम परती जमीन हैं। लोगों ने कब्जा कर मकान बना लिए हैं। अवैध कब्जे अभी भी जारी हैं। शासन-प्रशासन की उपेक्षा से यह ऐतिहासिक खंडहर नष्ट हो रहा है। कहा कि विकलांग गो संरक्षण केंद्र अस्थायी रूप से खोलकर गोवंश का संरक्षण करना चाहते हैं।
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विकलांग, असहाय व घायल अन्ना पशुओं को इसमें संरक्षण दिया जाएगा, इसकी अनुमति दी जाए। अर्जी देने वालों में संघ के मदन मोहन शर्मा, शिवकुमार सिंह आदि शामिल हैं। उधर, संघ के इस पत्र पर बुंदेलखंड विकास बोर्ड उपाध्यक्ष ने डीएम को दिए पत्र में कहा कि संघ के संचालक स्वामी कृष्णानंद महाराज हैं। पटेल ने गो संरक्षण के लिए भूमि की अनुमति देने का अनुरोध किया है।
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