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लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के लिए बांदा का चयन
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बांदा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली ने उत्तर प्रदेश में मात्र बांदा जिले को विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता व्यवस्था (लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम) के तहत पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना है। देश के 16 राज्यों में स्थापित राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधीन प्रत्येक राज्य के मात्र एक जिले को इस योजना के लिए चयनित किया गया है। उत्तर प्रदेश में बांदा का चयन हुआ है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव/न्यायाधीश अभिषेक कुमार व्यास ने बताया कि विधिक सहायता रक्षा व्यवस्था की स्थापना दो वर्षों के लिए की जानी है। इसमें निर्धारित अर्हताएं रखने वाले अधिवक्ताओं का चयन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण इस व्यवस्था को लागू करने के लिए भवन, स्टाफ, उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि अधिवक्ताओं को सहयोग के लिए उपलब्ध कराएगी।
सचिव ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के सचिव/अपर जिला जज सुदीप कुमार जायसवाल बुधवार को बांदा पहुंचे। उन्होंने जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव के विश्राम कक्ष में विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव से विचार विमर्श किया।
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प्राधिकरण सचिव ने बताया कि विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता व्यवस्था जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में सचिव के सहयोग से क्रियान्वित होगी। सचिव ने इस बात पर खुशी जताई कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने बांदा जैसे पिछड़े और अपराध ग्रस्त जनपद को इस परियोजना में चयनित किया है।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव/न्यायाधीश अभिषेक कुमार व्यास ने बताया कि विधिक सहायता रक्षा व्यवस्था की स्थापना दो वर्षों के लिए की जानी है। इसमें निर्धारित अर्हताएं रखने वाले अधिवक्ताओं का चयन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण इस व्यवस्था को लागू करने के लिए भवन, स्टाफ, उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि अधिवक्ताओं को सहयोग के लिए उपलब्ध कराएगी।
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सचिव ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के सचिव/अपर जिला जज सुदीप कुमार जायसवाल बुधवार को बांदा पहुंचे। उन्होंने जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव के विश्राम कक्ष में विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव से विचार विमर्श किया।
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प्राधिकरण सचिव ने बताया कि विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता व्यवस्था जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में सचिव के सहयोग से क्रियान्वित होगी। सचिव ने इस बात पर खुशी जताई कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने बांदा जैसे पिछड़े और अपराध ग्रस्त जनपद को इस परियोजना में चयनित किया है।