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उपाधियां मिलीं तो छात्र-छात्राओं के चेहरे खिले
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- फोटो : BANDA
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में कृषि व उद्यान विभाग के 138 स्नातक और परास्नातक छात्र-छात्राओं को डिग्री/उपाधियों से सम्मानित किया गया। 12 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक दिए गए। विश्वविद्यालय की कुलाधिपति/राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि डिग्री और पदक प्राप्त छात्र अपने ज्ञान और अनुभव से कृषि के क्षेत्र को आधुनिक बनाएं।
उन्होंने कहा कि यहां जल का संकट विकट समस्या है। इससे हम सबको को मिलकर निपटना होगा। कृषि में जलवायु और उसके अनुकूल फसलों का चुनाव हमें स्वावलंबी बना सकता है। कृषि वैज्ञानिक और नई दिल्ली के आईसीएआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. मंगला राय ने वर्चुअल संबोधन में कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए डिग्रीधारी छात्रों को भी कृषि के लिए युवाओं को प्रेरित करने को कहा। उन्होंने विश्वविद्यालय को शोध व शिक्षा प्रसार में अग्रणी बताया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि बुंदेलखंड में पशुओं के नस्ल सुधार के लिए विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय शुरू कराने के लिए शासन ने बजट आवंटित कर दिया है। टीवीसीसी कांप्लेक्स के लिए भी बजट दिया गया है। जल संरक्षण पर जागरुकता की जरूरत बताई।
कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने विश्वविद्यालय की प्रगति बताई। उन्होंने कहा कि कृषि में रुचि के लिए जैविक कॉरिडोर व बुंदेली चौपाल की शुरुआत की गई। शिक्षा के लिए छात्रों को अलग से जेआरएफ सेल के माध्यम से पठन-पाठन का कार्य कराया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध व प्रसार के क्षेत्र में कई मुकाम प्राप्त किए हैं। इसके पूर्व समारोह की शुरुआत कुलसचिव प्रो. जीएस पवार ने दीप जलाकर किया। किसान उत्पादक संघ विमलेश त्रिपाठी, प्रगतिशील किसान मालती दीक्षित आदि ने भी संबोधित किया। संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. बीके गुप्ता ने किया।
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इंसेट---
शिखा दुबे को कुलपति का स्वर्ण पदक
कृषि स्नातक में निधि चौहान को स्वर्ण पदक, सोयल कुमार को रजत और शैलेंद्र सिंह को कांस्य पदक, उद्यान स्नातक में रुद्र प्रताप मिश्रा को स्वर्ण, अवनिश राठौर को रजत व राममिलन को कांस्य पदक, कृषि परास्नातक में शिखा दुबे को कुलपति स्वर्ण पदक, चंद्रकांत चौबे को कुलपति रजत और अनुज मिश्रा को कुलपति कांस्य पदक, उद्यान में मृत्युजंय राय को कुलपति स्वर्ण पदक, सेतु कुमार को कुलपति रजत पदक व आदर्श तिवारी को कुलपति कांस्य पदक प्रदान किया गया।
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उन्होंने कहा कि यहां जल का संकट विकट समस्या है। इससे हम सबको को मिलकर निपटना होगा। कृषि में जलवायु और उसके अनुकूल फसलों का चुनाव हमें स्वावलंबी बना सकता है। कृषि वैज्ञानिक और नई दिल्ली के आईसीएआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. मंगला राय ने वर्चुअल संबोधन में कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए डिग्रीधारी छात्रों को भी कृषि के लिए युवाओं को प्रेरित करने को कहा। उन्होंने विश्वविद्यालय को शोध व शिक्षा प्रसार में अग्रणी बताया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि बुंदेलखंड में पशुओं के नस्ल सुधार के लिए विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय शुरू कराने के लिए शासन ने बजट आवंटित कर दिया है। टीवीसीसी कांप्लेक्स के लिए भी बजट दिया गया है। जल संरक्षण पर जागरुकता की जरूरत बताई।
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कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने विश्वविद्यालय की प्रगति बताई। उन्होंने कहा कि कृषि में रुचि के लिए जैविक कॉरिडोर व बुंदेली चौपाल की शुरुआत की गई। शिक्षा के लिए छात्रों को अलग से जेआरएफ सेल के माध्यम से पठन-पाठन का कार्य कराया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध व प्रसार के क्षेत्र में कई मुकाम प्राप्त किए हैं। इसके पूर्व समारोह की शुरुआत कुलसचिव प्रो. जीएस पवार ने दीप जलाकर किया। किसान उत्पादक संघ विमलेश त्रिपाठी, प्रगतिशील किसान मालती दीक्षित आदि ने भी संबोधित किया। संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. बीके गुप्ता ने किया।
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शिखा दुबे को कुलपति का स्वर्ण पदक
कृषि स्नातक में निधि चौहान को स्वर्ण पदक, सोयल कुमार को रजत और शैलेंद्र सिंह को कांस्य पदक, उद्यान स्नातक में रुद्र प्रताप मिश्रा को स्वर्ण, अवनिश राठौर को रजत व राममिलन को कांस्य पदक, कृषि परास्नातक में शिखा दुबे को कुलपति स्वर्ण पदक, चंद्रकांत चौबे को कुलपति रजत और अनुज मिश्रा को कुलपति कांस्य पदक, उद्यान में मृत्युजंय राय को कुलपति स्वर्ण पदक, सेतु कुमार को कुलपति रजत पदक व आदर्श तिवारी को कुलपति कांस्य पदक प्रदान किया गया।