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अधिवक्ता और परिजनों को भेजा जेल
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बांदा। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पड़री गांव में पुलिस कर्मियों पर हमले में गिरफ्तार अधिवक्ता और उनके परिवार की चार महिलाओं व चार पुरुषों को जिला अस्पताल में डॉक्टरी परीक्षण के बाद शनिवार की देर रात जेल भेज दिया गया। उधर, गिरफ्तार अधिवक्ता केशव प्रसाद यादव की तहरीर पर मारपीट और लूटपाट की रिपोर्ट अभी दर्ज नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच की जा रही है।
पड़री गांव में शुक्रवार को अधिवक्ता केशव प्रसाद यादव और उनके पुत्रों आदि के विरुद्ध जारी नोटिस तामील कराने गए सिमौनी चौकी के कांस्टेबल सुखवीर, सलमान, ब्रजेश यादव और प्रवेश यादव को आरोपियों के परिजनों और ग्रामीणों ने पीटा था। इस पर पुलिस ने अधिवक्ता परिवार सहित कुल 14 लोगों के विरुद्ध नौ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके चार महिलाओं समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को उन्हें बांदा कोर्ट में पेश करने पहुंचे तो जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष व महासचिव की अगुवाई में तमाम अधिवक्ताओं ने पुलिस को घेर लिया। गिरफ्तार अधिवक्ता और उनकी पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू, पुत्री आदि पुलिस की पिटाई से बुरी तरह घायल थे। इस पर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस से जमकर झड़प हुई।
एसीजेएम के आदेश पर गिरफ्तार घायलों का जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल ने मेडिकल और इलाज किया। अधिवक्ता संघ पदाधिकारी भी इस दौरान अस्पताल में डटे रहे। रविवार को बबेरू सीओ सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि मेडिकल परीक्षण और इलाज के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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अधिवक्ता की तहरीर में पुलिस पर लूटपाट का भी आरोप
बांदा। पुलिस पर हमले के आरोप में गिरफ्तार अधिवक्ता केशव प्रसाद यादव ने पुलिस को दी तहरीर में पुलिस कर्मियों पर परिवार व महिलाओं के साथ बर्बरता पूर्वक पिटाई और अश्लील हरकतों के साथ ही लूटपाट का भी आरोप लगाया है। कहा है कि दो दर्जन पुलिस कर्मियों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और बक्से में रखे 50 हजार रुपये, सोने की जंजीर व अंगूठियां लूट ले गए। अधिवक्ता ने अपनी तहरीर में बबेरू क्षेत्राधिकारी, कोतवाली प्रभारी, उप निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा सहित कांस्टेबल बृजेश व सलमान और महिला कांस्टेबल शिवानी, कल्पना, आराधना, रेनू तथा अन्य पुलिस कर्मियों का जिक्र किया है। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि थाने में पिटाई के दौरान उनके और परिजनों के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया। संगीन धाराओं में उन सभी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई।
14 नामजद में एक भी महिला नहीं
बांदा। पुलिस कर्मियों पर हुए हमले में कांस्टेबल सुखवीर सिंह की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें एक भी महिला नहीं है। हालांकि पुलिस ने चार महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है। कांस्टेबल की ओर से दर्ज रिपोर्ट में केशव प्रसाद और उसके पुत्र धनेष, जोगेंद्र व देव प्रसाद सहित फूलचंद्र, रामरूप उर्फ टुन्नू, सुरेंद्र, राजकुमार, विजय यादव, शैलेंद्र यादव व शिवम यादव, सुनील, अशोक और सुशील शामिल हैं।
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पड़री गांव में शुक्रवार को अधिवक्ता केशव प्रसाद यादव और उनके पुत्रों आदि के विरुद्ध जारी नोटिस तामील कराने गए सिमौनी चौकी के कांस्टेबल सुखवीर, सलमान, ब्रजेश यादव और प्रवेश यादव को आरोपियों के परिजनों और ग्रामीणों ने पीटा था। इस पर पुलिस ने अधिवक्ता परिवार सहित कुल 14 लोगों के विरुद्ध नौ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके चार महिलाओं समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को उन्हें बांदा कोर्ट में पेश करने पहुंचे तो जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष व महासचिव की अगुवाई में तमाम अधिवक्ताओं ने पुलिस को घेर लिया। गिरफ्तार अधिवक्ता और उनकी पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू, पुत्री आदि पुलिस की पिटाई से बुरी तरह घायल थे। इस पर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस से जमकर झड़प हुई।
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एसीजेएम के आदेश पर गिरफ्तार घायलों का जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल ने मेडिकल और इलाज किया। अधिवक्ता संघ पदाधिकारी भी इस दौरान अस्पताल में डटे रहे। रविवार को बबेरू सीओ सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि मेडिकल परीक्षण और इलाज के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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अधिवक्ता की तहरीर में पुलिस पर लूटपाट का भी आरोप
बांदा। पुलिस पर हमले के आरोप में गिरफ्तार अधिवक्ता केशव प्रसाद यादव ने पुलिस को दी तहरीर में पुलिस कर्मियों पर परिवार व महिलाओं के साथ बर्बरता पूर्वक पिटाई और अश्लील हरकतों के साथ ही लूटपाट का भी आरोप लगाया है। कहा है कि दो दर्जन पुलिस कर्मियों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और बक्से में रखे 50 हजार रुपये, सोने की जंजीर व अंगूठियां लूट ले गए। अधिवक्ता ने अपनी तहरीर में बबेरू क्षेत्राधिकारी, कोतवाली प्रभारी, उप निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा सहित कांस्टेबल बृजेश व सलमान और महिला कांस्टेबल शिवानी, कल्पना, आराधना, रेनू तथा अन्य पुलिस कर्मियों का जिक्र किया है। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि थाने में पिटाई के दौरान उनके और परिजनों के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया। संगीन धाराओं में उन सभी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई।
14 नामजद में एक भी महिला नहीं
बांदा। पुलिस कर्मियों पर हुए हमले में कांस्टेबल सुखवीर सिंह की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें एक भी महिला नहीं है। हालांकि पुलिस ने चार महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है। कांस्टेबल की ओर से दर्ज रिपोर्ट में केशव प्रसाद और उसके पुत्र धनेष, जोगेंद्र व देव प्रसाद सहित फूलचंद्र, रामरूप उर्फ टुन्नू, सुरेंद्र, राजकुमार, विजय यादव, शैलेंद्र यादव व शिवम यादव, सुनील, अशोक और सुशील शामिल हैं।