अब घर पर भी बुंदेली छलकाएं जाम

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:41 PM IST
ab ghar par bhee bundelee chhalakaen jaam
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बांदा। घर में बैठकर शराब के जाम टकराने की तमन्ना पूरी होगी। पीने का शौक पूरा करने के लिए बार या ठेका जाना जरूरी नहीं होगा। नई आबकारी नीति के तहत घर में होम बार खोलने के लिए लाइसेंस दिए जा रहे हैं।
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इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा में शराब के शौकीन काफी हैं। आबकारी विभाग के आंकड़े इसके गवाह हैं।

चालू वित्तीय वर्ष के पांच महीनों में 22,53,120 विदेशी शराब की बोतलें पी डाली गईं। 53,52,615 केन बीयर पियक्कड़ों ने सफाचट कर दी। 67,18,788 बल्क लीटर देसी पी गई है। पियक्कड़ों ने इसकी कीमत सवा तीन अरब रुपये से ज्यादा आबकारी विभाग को अदा की है।
प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति में होम बार को मंजूरी दे दी है। इसके लिए लाइसेंस लेना होगा। शुल्क और अन्य शर्तें पूरी करनी होगी। सबसे खास शर्त यह है कि होम बार लाइसेंस वही ले सकेंगे जो पिछले 5 सालों से आयकरदाता हैं। सालाना शुल्क के साथ सिक्योरिटी राशि भी जमा होगी।
होम बार में 12 बोतल वैध मदिरा घर में रखी जा सकेगी। अभी तक सिर्फ 750 मिली लीटर तक ही रखने की अनुमति है। बुंदेलखंड का चित्रकूटधाम मंडल पिछड़ा और आर्थिक रूप से कमजोर होने के बाद भी दारू में दमदार है। यहां पियक्कड़ हर साल भारी मात्रा में अंग्रेजी, बीयर और देसी देशी ठर्रा पी जाते हैं।
आबकारी विभाग को चित्रकूटधाम मंडल से लगभग 10 अरब रुपये की आमद होती है। यहां देसी ठर्रा की खपत ज्यादा है। दूसरे नंबर पर बीयर की बिक्री होती है। विदेशी शराब सबसे कम पी जाती है। इन तीनों से ही आबकारी विभाग को अलग-अलग भारी राजस्व मिलता है।
चित्रकूटधाम मंडल में चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अगस्त तक देसी व विदेशी और बीयर की खपत
विदेशी शराब (एफएल)- 22,53,120 बोतल।
देसी शराब (सीएल)- 67,18,788 बल्क लीटर।
बीयर (बीआर)-53,92,615 केन।
बीते 5 माह में मंडल में शराब से आबकारी विभाग को मिला राजस्व
विदेशी शराब- 90,12,48, 000 रुपये।
देसी शराब- 1,74,68,84,880 रुपये।
बीयर- 3,77,48,3050 रुपये।
योग- 3,025,61,5930 रुपये।
12 हजार फीस, 51 हजार सिक्योरिटी
बांदा। होम बार लाइसेंस के लिए बांदा में प्रक्रिया शुरू हो गई है। शनिवार को जिला आबकारी अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 से निजी इस्तेमाल के लिए फुटकर सीमा से अधिक शराब की खरीद, परिवहन और निजी कब्जे में रखने के लिए होम बार लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
इसकी वार्षिक फीस 12 हजार रुपये और जमानत राशि 51 हजार रुपये है। बताया कि होम लाइसेंस के लिए वही पात्र होंगे जो पिछले पांच वर्षों से आयकरदाता हों और न्यूनतम 3 वर्षों में 20 प्रतिशत श्रेणी में आयकर अदा किया हो।
आबकारी अधिकारी के मुताबिक, होम बार लाइसेंस में विभिन्न श्रेणी की कुल 12 बोतल वैध मदिरा (जो प्रदेश में बिक्री के लिए अनुमन्य है) अपने घर में रख सकेगा। आवेदन के साथ टैक्स भरने का प्रमाणपत्र और आधार व पेन कार्ड की प्रति लगेंगी।
लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने पर आबकारी अधिनियम और आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।
होम बार से राजस्व बढ़ने के आसार
होम बार लाइसेंस से शराब की खपत बढ़ने के आसार हैं। इसी के मद्देनजर आबकारी विभाग ने पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष राजस्व लक्ष्य भी बढ़ा दिया है। वर्ष 2021-22 के लिए 34 हजार 500 करोड़ का राजस्व अपेक्षित है। उधर, नई आबकारी नीति में अनाज से भी शराब बनाने को मंजूरी दी गई है।

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