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Banda News: विशेष अभियान शुरू, पांच लाख 25 हजार लोगों के बने आयुष्मान कार्ड
Sat, 13 Dec 2025 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 13 Dec 2025 12:29 AM IST
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बांदा। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लोगों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव स्तर पर आयुष्मान कार्ड बनाने की मुहिम छेड़ दी है। इसके लिए 25 दिसंबर तक आयुष्मान कार्ड बनाओ का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पंचायत भवनों, सरकारी अस्पतालों व गांवों में शिविर लगाकर लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।
जिले में आठ लाख 63 हजार 60 परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। नियम और शर्त यह है कि जिन परिवार में राशन कार्ड में वर्ष 2018 में हुए सर्वे में छह सदस्यों के नाम शामिल हैं, उनके मुखिया समेत सभी सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के विशेष अभियान के तहत अब तक पांच लाख 25 हजार आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। इस आंकड़े में लगातार प्रगति चल रही है। आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उन्होंने 87 प्रतिशत परिवारों का कवरेज कर लिया है। उधर, 70 उम्र पार करने वाले बुजुर्गों के 14 हजार 123 आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वह चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में इस आंकड़े में ज्यादा हैं। आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लिए प्रत्येक शिविर में चार-चार आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। जिससे मोहल्लेवार रहने वाले लाभार्थी छूटने न पाएं।
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1409 बीमारियों के इलाज का मिलता पैकेज
आयुष्मान कार्ड धारक को 1409 बीमारियों के इलाज का पैकेज मिलता है। मरीज आयुष्मान कार्ड के जरिए से भर्ती होने पर पांच लाख का मुफ्त इलाज पा सकता है। इसमें प्रमुख बीमारियों में डेंगू, मलेरिया, डायलिसिस, अस्थमा, श्वांस, कैंसर, हृदय रोग, सर्जरी के मरीज शामिल हैं। जिले में चार प्राइवेट अस्पतालों को भी आयुष्मान कार्ड से जोड़ा गया है। आयुष्मान कार्डधारक मरीज इन अस्पतालों में अपना इलाज करा सकता है।
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आयुष्मान कार्ड की प्रगति के लिए जिले में 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लेकर पात्र गृहस्थी वाले लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। गांवों में भी शिविर लगाए जा रहे हैं। अभी तक जिले का स्वास्थ्य विभाग 87 प्रतिशत परिवारों को कवरेज दे चुका है।
डॉ. विजेंद्र सिंह
सीएमओ, बांदा।
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जिले में आठ लाख 63 हजार 60 परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। नियम और शर्त यह है कि जिन परिवार में राशन कार्ड में वर्ष 2018 में हुए सर्वे में छह सदस्यों के नाम शामिल हैं, उनके मुखिया समेत सभी सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के विशेष अभियान के तहत अब तक पांच लाख 25 हजार आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। इस आंकड़े में लगातार प्रगति चल रही है। आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उन्होंने 87 प्रतिशत परिवारों का कवरेज कर लिया है। उधर, 70 उम्र पार करने वाले बुजुर्गों के 14 हजार 123 आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वह चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में इस आंकड़े में ज्यादा हैं। आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लिए प्रत्येक शिविर में चार-चार आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। जिससे मोहल्लेवार रहने वाले लाभार्थी छूटने न पाएं।
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1409 बीमारियों के इलाज का मिलता पैकेज
आयुष्मान कार्ड धारक को 1409 बीमारियों के इलाज का पैकेज मिलता है। मरीज आयुष्मान कार्ड के जरिए से भर्ती होने पर पांच लाख का मुफ्त इलाज पा सकता है। इसमें प्रमुख बीमारियों में डेंगू, मलेरिया, डायलिसिस, अस्थमा, श्वांस, कैंसर, हृदय रोग, सर्जरी के मरीज शामिल हैं। जिले में चार प्राइवेट अस्पतालों को भी आयुष्मान कार्ड से जोड़ा गया है। आयुष्मान कार्डधारक मरीज इन अस्पतालों में अपना इलाज करा सकता है।
आयुष्मान कार्ड की प्रगति के लिए जिले में 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसमें आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लेकर पात्र गृहस्थी वाले लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। गांवों में भी शिविर लगाए जा रहे हैं। अभी तक जिले का स्वास्थ्य विभाग 87 प्रतिशत परिवारों को कवरेज दे चुका है।
डॉ. विजेंद्र सिंह
सीएमओ, बांदा।