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13 नई कंपनियों को बालू खनन का पट्टा
Updated Sun, 02 Dec 2018 11:43 PM IST
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बांदा। जल्द ही 13 और कंपनियां खनन शुरू कर देंगी। ये कंपनियां खदानों में इसी माह डेरा डाल लेंगी। इन्हें मिलाकर जिले में बालू खनन करने वाली कंपनियों/ठेकेदारों की संख्या 23 हो जाएगी। नई कंपनियों को 237 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में खनन का ठेका मिला है।
जिले की लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल की खदानों में यूपी-एमपी की विभिन्न कंपनियां जनवरी से खनन का ठेका लिए हैं। उनका पट्टा जनवरी 2023 तक है। ये कंपनियां केन, यमुना और बागै नदियों की खदानों में खनन कर रही हैं। प्रतिस्पर्धा की होड़ में कंपनियों ने सरकार की निर्धारित रायल्टी की दर 150 रुपये से कई-कई गुना ज्यादा दरों पर ठेका लिए हैं।
एनजीटी, पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड, सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और शासन के तमाम दिशा-निर्देशों और गाइडलाइन की अनदेखी कर खनन हो रहा है। ओवरलोडिंग भी धड़ल्ले से हो रही है। इसके विरोध की आए दिन आवाजें गूंजती रहती हैं।
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अब बालू का खनन करने वाली कंपनियों की संख्या इसी माह बढ़कर 23 हो जाएंगी। 13 नई खदानों को पट्टे पर देने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
इनमें तीन खदानों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष 10 खदानों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इनमें अधिकांश को स्टांप जमा करने के लिए नोटिस जारी की गई है। स्टांप जमा होते ही खनन का अनुमतिपत्र दे दिया जाएगा। नई कंपनियों में भी इक्का-दुक्का को छोड़कर सभी बाहरी हैं।
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जिले की लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल की खदानों में यूपी-एमपी की विभिन्न कंपनियां जनवरी से खनन का ठेका लिए हैं। उनका पट्टा जनवरी 2023 तक है। ये कंपनियां केन, यमुना और बागै नदियों की खदानों में खनन कर रही हैं। प्रतिस्पर्धा की होड़ में कंपनियों ने सरकार की निर्धारित रायल्टी की दर 150 रुपये से कई-कई गुना ज्यादा दरों पर ठेका लिए हैं।
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एनजीटी, पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड, सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और शासन के तमाम दिशा-निर्देशों और गाइडलाइन की अनदेखी कर खनन हो रहा है। ओवरलोडिंग भी धड़ल्ले से हो रही है। इसके विरोध की आए दिन आवाजें गूंजती रहती हैं।
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अब बालू का खनन करने वाली कंपनियों की संख्या इसी माह बढ़कर 23 हो जाएंगी। 13 नई खदानों को पट्टे पर देने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
इनमें तीन खदानों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष 10 खदानों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इनमें अधिकांश को स्टांप जमा करने के लिए नोटिस जारी की गई है। स्टांप जमा होते ही खनन का अनुमतिपत्र दे दिया जाएगा। नई कंपनियों में भी इक्का-दुक्का को छोड़कर सभी बाहरी हैं।