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बांदा अस्पताल का मुद्दा सीएम के गोरखनाथ मंदिर पहुंचा
Updated Sun, 17 Sep 2017 11:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक और सहायक कार्यवाहक नर्सिंग अधीक्षक के विरुद्ध मोर्चा खोले आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के दरबार तक अपनी दस्तक पहुंचा दी है। रविवार को संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिंग कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने गोरखपुर जाकर वहां गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा कि बांदा जिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. किशोरीलाल और कार्यवाहक सहायक नर्सिंग अधीक्षक उमा देवी टी एंड कंपनी द्वारा नियुक्त संविदा कर्मचारियों से अभद्रता कर रहे हैं। इसी उत्पीड़न से तंग आकर मेल नर्स पद पर तैनात शोभित दुबे ने 15 सितंबर की रात जहर खा लिया। कानपुर में उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। ज्ञापन देने वालों में संघ के संगठन मंत्री सूर्यभान, विकास सिंह, शालिनी मिश्र, मीना सिंह, अर्चना, ममता, हंसराज इत्यादि शामिल थे।
उधर, उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बांदा जिलाध्यक्ष डॉ.मिलेंद्र सिंह द्वारा सीएम सहित उच्चाधिकारियों को भेजे गए पत्र मेें सीएमएस पर यही आरोप लगाए हैं। स्टाफ नर्स द्वारा जहर खाने के लिए सीएमएस को ही दोषी ठहराया है। अध्यक्ष ने कहा है कि डीएम ने इस मामले में सात दिन का समय दिया है। तब तक 23 सितंबर के लिए कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। कार्रवाई नहीं हुई तो इस तिथि के बाद सभी संगठन मिलकर आंदोलन करेंगे।
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-कर्मचारी संघ ने मंदिर में सीएम कार्यालय को ज्ञापन सौंपा
-सीएमएस और कार्यवाहक अधीक्षक पर लगाए उत्पीड़न पर आरोप
-23 तक कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
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बांदा। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक और सहायक कार्यवाहक नर्सिंग अधीक्षक के विरुद्ध मोर्चा खोले आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के दरबार तक अपनी दस्तक पहुंचा दी है। रविवार को संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिंग कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने गोरखपुर जाकर वहां गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा कि बांदा जिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. किशोरीलाल और कार्यवाहक सहायक नर्सिंग अधीक्षक उमा देवी टी एंड कंपनी द्वारा नियुक्त संविदा कर्मचारियों से अभद्रता कर रहे हैं। इसी उत्पीड़न से तंग आकर मेल नर्स पद पर तैनात शोभित दुबे ने 15 सितंबर की रात जहर खा लिया। कानपुर में उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। ज्ञापन देने वालों में संघ के संगठन मंत्री सूर्यभान, विकास सिंह, शालिनी मिश्र, मीना सिंह, अर्चना, ममता, हंसराज इत्यादि शामिल थे।
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उधर, उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बांदा जिलाध्यक्ष डॉ.मिलेंद्र सिंह द्वारा सीएम सहित उच्चाधिकारियों को भेजे गए पत्र मेें सीएमएस पर यही आरोप लगाए हैं। स्टाफ नर्स द्वारा जहर खाने के लिए सीएमएस को ही दोषी ठहराया है। अध्यक्ष ने कहा है कि डीएम ने इस मामले में सात दिन का समय दिया है। तब तक 23 सितंबर के लिए कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। कार्रवाई नहीं हुई तो इस तिथि के बाद सभी संगठन मिलकर आंदोलन करेंगे।
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-कर्मचारी संघ ने मंदिर में सीएम कार्यालय को ज्ञापन सौंपा
-सीएमएस और कार्यवाहक अधीक्षक पर लगाए उत्पीड़न पर आरोप
-23 तक कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी