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पावर कारपोरेशन पर 30 हजार रुपये जुर्माना
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बांदा। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने अलग-अलग 5 उपभोक्ताओं को मनमानी तरीके से बिल भेजने पर प्रत्येक मामले में 5-5 हजार रुपये जुर्माना किया है। संशोधित बिल 60 दिन में उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। इस अवधि में बिल न देने पर 50-50 रुपये प्रतिदिन जुर्माने के आदेश दिए हैं।
बबेरू निवासी लंगरी पत्नी सीताराम, राम प्यारी पत्नी राम कुमार, भलुवा पुत्र रमइया, सुमित्रा पत्नी राम चरन, डुबिया पत्नी छेदीलाल ने 29 अपैल 2014 को आयोग में केस दायर करके कहा था कि विद्युत विभाग ने बिना रीडिंग के मनमानी धनराशि के बिल भेज दिए हैं।
आयोग अध्यक्ष तूफानी प्रसाद और सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी ने अपने आदेश में कहा है कि संयोजन की तिथि से बिना किसी अधिभार और सरचार्ज के न्यूनतम रीडिंग के आधार पर संशोधित बिल 60 दिन में उपलब्ध कराएं। साथ ही वाद शुल्क व मानसिक क्षतिपूर्ति 5000 और वकील फीस 1000 रुपये अदा करने के आदेश दिए।
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बबेरू निवासी लंगरी पत्नी सीताराम, राम प्यारी पत्नी राम कुमार, भलुवा पुत्र रमइया, सुमित्रा पत्नी राम चरन, डुबिया पत्नी छेदीलाल ने 29 अपैल 2014 को आयोग में केस दायर करके कहा था कि विद्युत विभाग ने बिना रीडिंग के मनमानी धनराशि के बिल भेज दिए हैं।
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आयोग अध्यक्ष तूफानी प्रसाद और सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी ने अपने आदेश में कहा है कि संयोजन की तिथि से बिना किसी अधिभार और सरचार्ज के न्यूनतम रीडिंग के आधार पर संशोधित बिल 60 दिन में उपलब्ध कराएं। साथ ही वाद शुल्क व मानसिक क्षतिपूर्ति 5000 और वकील फीस 1000 रुपये अदा करने के आदेश दिए।
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