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दूसरे घायल ने भी तोड़ा दम, साथी की बुधवार को गई थी जान
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बांदा। सामने से आ रही तेज रफ्तार कार से टकराकर गंभीर रूप से घायल हुए दूसरे बाइक सवार की भी मौत हो गई। बाइक चला रहे युवक की घटना के कुछ देर बाद ही मौत हो गई थी। उधर, आक्रोशित ग्रामीणों ने घटनास्थल के पास बांदा-टांडा हाईवे पर जाम लगा दिया। दो वाहनों में तोडफ़ोड़ की। गुरुवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम हुआ है। बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे। उनके सिरों पर गंभीर चोट आई।
देहात कोतवाली क्षेत्र के बरगहनी गांव का राकेश यादव (36) पुत्र कृष्ण पाल बुधवार को देर शाम बाइक पर बांदा से गांव जा रहा था। उसके साथ पड़ोसी फूलचंद्र खेंगर (52) भी बैठा हुआ था। रात के अंधेरे में गांव के नजदीक मोड़ पर सामने तिंदवारी की ओर से आ रही कार ने बाइक को भीषण टक्कर मारी और रौंद भी दिया। बाइक और दोनों सवार कार के साथ दूर तक घिसट गए। चालक कार छोड़कर भाग निकला। हालांकि उसको भी कुछ चोटें आई थीं।
उधर, गांव के नजदीक ही हादसा होने पर कुछ ही देर में परिजन और ग्रामीण आ गए। कार के नीचे फंसे घायलों को बाहर निकाला और तत्काल जिला अस्पताल लाए। रास्ते में राकेश की मौत हो गई।
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फूलचंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में वह भी चल बसा। राकेश सदर तहसील स्थित आबकारी विभाग में मजदूर था। फूलचंद्र बांदा कचहरी गेट के पास पान की गुमटी खोले था। दोनों मृतक अपने पीछे बेटे-बेटियां और पत्नी छोड़ गए हैं। दोहरी मौतों से गांव में शोक का माहौल रहा। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के बरगहनी गांव का राकेश यादव (36) पुत्र कृष्ण पाल बुधवार को देर शाम बाइक पर बांदा से गांव जा रहा था। उसके साथ पड़ोसी फूलचंद्र खेंगर (52) भी बैठा हुआ था। रात के अंधेरे में गांव के नजदीक मोड़ पर सामने तिंदवारी की ओर से आ रही कार ने बाइक को भीषण टक्कर मारी और रौंद भी दिया। बाइक और दोनों सवार कार के साथ दूर तक घिसट गए। चालक कार छोड़कर भाग निकला। हालांकि उसको भी कुछ चोटें आई थीं।
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उधर, गांव के नजदीक ही हादसा होने पर कुछ ही देर में परिजन और ग्रामीण आ गए। कार के नीचे फंसे घायलों को बाहर निकाला और तत्काल जिला अस्पताल लाए। रास्ते में राकेश की मौत हो गई।
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फूलचंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में वह भी चल बसा। राकेश सदर तहसील स्थित आबकारी विभाग में मजदूर था। फूलचंद्र बांदा कचहरी गेट के पास पान की गुमटी खोले था। दोनों मृतक अपने पीछे बेटे-बेटियां और पत्नी छोड़ गए हैं। दोहरी मौतों से गांव में शोक का माहौल रहा। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद गांव में अंतिम संस्कार किया गया।