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महिलाओं का चेकडैम में सत्याग्रह आज से
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बांदा। चेकडैम निर्माण में महिलाओं की मजदूरी कम निर्धारित करने और अब तक मजदूरी न दिए जाने पर महिलाएं शुक्रवार (7 जून) से बीहड़ और दस्यु प्रभावित क्षेत्र में स्थित निर्माण स्थल पर बेमियादी सत्याग्रह आंदोलन करेंगी। महिलाओं ने इस बाबत जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में महिलाओं ने कहा है कि नरैनी तहसील के नीबी गांव में बड़ार नदी पर लघु सिंचाई विभाग चेकडैम बनवा रहा है। इसमें पुरुषों के साथ महिला मजदूर भी लगाई गई हैं। समान कार्य होने के बावजूद मजदूरी में भेदभाव किया जा रहा है।
पुरुषों को 300 रुपये और महिलाओं को 200 रुपये मजदूरी निर्धारित की गई है। साथ ही अब तक कराए गए काम की मजदूरी भी नहीं दी गई है। यह भी आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया मैटेरियल का इस्तेमाल हो रहा है। मजदूरी मांगने और घटिया निर्माण का विरोध करने पर ठेकेदार ने महिला मजदूरों को डरा-धमका कर भगा दिया।
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ज्ञापन में मांग की गई है कि महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर मजदूरी दिलाई जाए। सभी मजदूरों का बकाया भुगतान किया जाए। महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वाले ठेकेदार और मेठ के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो।
घटिया निर्माण की जांच कराई जाए। यह भी कहा कि बड़ार नदी में हर वर्ष एक-दो चेकडैम बना दिए जाते हैं। इससे नदी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। खंड विकास अधिकारी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ज्ञापन कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट ने प्राप्त किया। ज्ञापन देने वाली महिलाओं में कुसुमा, सुमन, राजाबाई, हुमा, हर्षिता, फूला, लक्ष्मी, गुड़िया, रूबी जैनब भी शामिल रहे।
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ज्ञापन में महिलाओं ने कहा है कि नरैनी तहसील के नीबी गांव में बड़ार नदी पर लघु सिंचाई विभाग चेकडैम बनवा रहा है। इसमें पुरुषों के साथ महिला मजदूर भी लगाई गई हैं। समान कार्य होने के बावजूद मजदूरी में भेदभाव किया जा रहा है।
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पुरुषों को 300 रुपये और महिलाओं को 200 रुपये मजदूरी निर्धारित की गई है। साथ ही अब तक कराए गए काम की मजदूरी भी नहीं दी गई है। यह भी आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया मैटेरियल का इस्तेमाल हो रहा है। मजदूरी मांगने और घटिया निर्माण का विरोध करने पर ठेकेदार ने महिला मजदूरों को डरा-धमका कर भगा दिया।
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ज्ञापन में मांग की गई है कि महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर मजदूरी दिलाई जाए। सभी मजदूरों का बकाया भुगतान किया जाए। महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वाले ठेकेदार और मेठ के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो।
घटिया निर्माण की जांच कराई जाए। यह भी कहा कि बड़ार नदी में हर वर्ष एक-दो चेकडैम बना दिए जाते हैं। इससे नदी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। खंड विकास अधिकारी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ज्ञापन कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट ने प्राप्त किया। ज्ञापन देने वाली महिलाओं में कुसुमा, सुमन, राजाबाई, हुमा, हर्षिता, फूला, लक्ष्मी, गुड़िया, रूबी जैनब भी शामिल रहे।