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चार माह से अंधेरे में है दो हजार की आबादी
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ओरन (बांदा)। क्षेत्र के कुल्लू खेड़ा गांव में बिजली विभाग की लापरवाही से ग्रामीण पिछले चार माह से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। आंधी में टूटे खंभे व तार आज तक दुरुस्त नहीं हो सके।
अतर्रा तहसील के कुल्लू खेड़ा गांव में करीब दो हजार की आबादी बिजली को तरस रही है। गांव के इंद्रपाल, रामा, बाले वर्मा, राममिलन सिंह आदि ने बताया कि मई माह में आई तेज आंधी व तूफान में छनिहा पुरवा में लगे बिजली के तार व पोल उखड़ गए थे। ट्रांसफार्मर भी फुंक गया था। तब से ग्रामीण बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। शासन का आदेश 36 घंटे में बिजली दुरुस्त कराने का है। लेकिन विभागीय अधिकारियों पर यह आदेश बेअसर है। ग्रामीण बिना बिजली गर्मी में परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि चिराग जलाने के लिए मिट्टी का तेल भी नहीं मिलता। ऐसे में दिन के उजाले में सभी काम निपटाकर ग्रामीणों को रात अंधेरे में काटनी पड़ती है। मोबाइल चार्ज करना है या गेहूं और तेल पिसाना-पिरवाना है तो दूसरे गांव जाना पड़ता है। ऐसे ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय पथरहा पुरवा में लगा ट्रांसफार्मर 14 माह पहले फुंका था। लेकिन आज तक नहीं बदला गया। प्रधानाध्यापक नत्थू प्रसाद ने बताया कि कई बार जेई और एक्सईएन को पत्र लिखा गया, लेकिन ट्रांसफार्मर बदलने के बजाए सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
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-मई में आंधी से ध्वस्त हुई लाइन नहीं सुधारी
ओरन (बांदा)। क्षेत्र के कुल्लू खेड़ा गांव में बिजली विभाग की लापरवाही से ग्रामीण पिछले चार माह से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। आंधी में टूटे खंभे व तार आज तक दुरुस्त नहीं हो सके।
अतर्रा तहसील के कुल्लू खेड़ा गांव में करीब दो हजार की आबादी बिजली को तरस रही है। गांव के इंद्रपाल, रामा, बाले वर्मा, राममिलन सिंह आदि ने बताया कि मई माह में आई तेज आंधी व तूफान में छनिहा पुरवा में लगे बिजली के तार व पोल उखड़ गए थे। ट्रांसफार्मर भी फुंक गया था। तब से ग्रामीण बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। शासन का आदेश 36 घंटे में बिजली दुरुस्त कराने का है। लेकिन विभागीय अधिकारियों पर यह आदेश बेअसर है। ग्रामीण बिना बिजली गर्मी में परेशान हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि चिराग जलाने के लिए मिट्टी का तेल भी नहीं मिलता। ऐसे में दिन के उजाले में सभी काम निपटाकर ग्रामीणों को रात अंधेरे में काटनी पड़ती है। मोबाइल चार्ज करना है या गेहूं और तेल पिसाना-पिरवाना है तो दूसरे गांव जाना पड़ता है। ऐसे ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय पथरहा पुरवा में लगा ट्रांसफार्मर 14 माह पहले फुंका था। लेकिन आज तक नहीं बदला गया। प्रधानाध्यापक नत्थू प्रसाद ने बताया कि कई बार जेई और एक्सईएन को पत्र लिखा गया, लेकिन ट्रांसफार्मर बदलने के बजाए सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
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-मई में आंधी से ध्वस्त हुई लाइन नहीं सुधारी